कुरैशी और पूर्व सीबीआइ निदेशक के बीच ‘चौंकानेवाले’ रिश्ते

सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया एजेंसियां, नयी दिल्लीसुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने सूचित किया गया कि विवादास्पद मांस निर्यातक मोइन अख्तर कुरैशी की आयकर मूल्यांकन रिपोर्ट से उसके और सीबीआइ के पूर्व निदेशक के बीच ‘चौकानेवाले’ रिश्तों का पता चलता है. पूर्व निदेशक इस समय संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य हैं. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 17, 2014 11:02 PM

सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया एजेंसियां, नयी दिल्लीसुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने सूचित किया गया कि विवादास्पद मांस निर्यातक मोइन अख्तर कुरैशी की आयकर मूल्यांकन रिपोर्ट से उसके और सीबीआइ के पूर्व निदेशक के बीच ‘चौकानेवाले’ रिश्तों का पता चलता है. पूर्व निदेशक इस समय संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य हैं. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने हालांकि सीबीआइ के पूर्व निदेशक का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा एपी सिंह की ओर था, जो इस समय संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष हैं. सिंह वर्तमान निदेशक रंजीत सिन्हा के पूर्ववर्ती थे, जो इस समय अपने निवास पर कथित हवाला कारोबारी कुरैशी से मुलाकात के कारण आलोचना झेल रहे हैं. रोहतगी ने आय कर रिपोर्ट के कुछ विवरण का खुलासा करते हुए शुक्रवार को दावा किया कि यह तो सिर्फ ‘ट्रेलर और असली फिल्म तो अभी बाकी है.’ कहा कि पूर्व निदेशक रोजाना ही बीबीएम के जरिये कुरैशी से कुछ मामलों में आरोपी की मदद करने सहित तमाम मसलों पर बातचीत किया करते थे. अटॉर्नी जनरल ने कहा, ‘सीबीआइ के पूर्व निदेशक का आचरण अशोभनीय था और मुझे यह कहने में बहुत तकलीफ हो रही है. मैंने जब इसे पढ़ा, तो मुझे बहुत कष्ट हुआ.’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘मोइन और सीबीआइ के वर्तमान निदेशक के बीच कोई बातचीत नहीं है. हो सकता है कि वर्तमान निदेशक के संदर्भ में कोई संकेत हो, लेकिन कोई प्रत्यक्ष बातचीत नहीं है.’ आय कर की यह रिपोर्ट चार खंडों में है और इसे विभाग द्वारा जब्त किये गये दस्तावेज और सामग्री के आधार पर तैयार किया गया है. यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में न्यायालय के समक्ष पेश की गयी. न्यायालय ने कहा कि अटॉर्नी जनरल द्वारा पेश रिपोर्ट और दस्तावेजों का अवलोकन करेंगे और फिर आठ दिसंबर को आगे सुनवाई करेंगे. रोहतगी ने कहा कि आय कर विभाग ने कुरैशी की दूसरे व्यक्तियों के साथ हो रही बातचीत टैप करने के बाद उसके यहां छापा मारा था और इसी के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गयी है, जो वैधानिक दस्तावेज नहीं बल्कि विश्लेषण है. एक गैर सरकारी संगठन कामज काज ने शीर्ष अदालत में दिल्ली स्थित मांस निर्यातक के खिलाफ आय कर विभाग की जांच की प्रगति की रिपोर्ट पेश करने के लिए न्यायालय में अर्जी दायर की थी. इस संगठन का कहना था कि सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा के निवास के आगंतुक रजिस्टर में कई बार इस व्यक्ति का नाम दर्ज है. कोयला खदान आबंटन प्रकरण को लेकर शीर्ष अदालत में याचिका दायर करनेवाले इस संगठन ने एक अर्जी दायर करके कुरैशी के कथित हवाला लेनदेन के बारे में आयकर जांच के बारे में आयकर महानिदेशक (जांच) की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था.