रांची : सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की ओर से अभियान चलाया जायेगा. अभियान में मुख्य रूप से उद्योगों, खदानों आदि क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों को सीएए, एनआरसी और एनपीआर के बारे में बताया जायेगा.
इसकी जानकारी एटक के महासचिव पीके गांगुली ने दी. वे शुक्रवार को प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की संयुक्त बैठक हुई. जिसमें ये निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार की ओर से जो नागरिकता संशोधन कानून लागू किया गया है, उसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और श्रमिक वर्ग के लोगों काे हुआ है. उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग को ऐसे कानून के बारे में जानकारी नहीं होती.
इसके साथ ही उनके पास ऐसे कागजातों की भी कमी होगी, जिससे वो अपनी नागकिरता साबित कर सकें. इस मौके पर एक्टू के महासचिव शुभेंदू सेन ने कहा कि ट्रेड यूनियनों का मानना है कि सरकार सरकारी संपत्तियों को बेच कर देश को कमजोर कर रही है. सीटू महासचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ठप है. बढ़ती बेरोजगारी और कृषि संकट से निपटने के लिए सरकार ने बजट में कुछ विशेष नहीं किया है.
