आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा ने लिया निर्णय
रांची : आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा ने कहा है कि कुड़ुख ग्रंथ के लेखक अलबिनुस ए मिंज, प्रकाशक प्रो प्रवीण उरांव व अन्य पर केस किया जायेगा़ समिति ने मांग की है कि सरकार ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करे और विवादित कुड़ुख ग्रंथ को प्रतिबंधित करे़ इस मुद्दे पर रविवार को सेक्टर तीन सरहुल पूजा स्थल पर हुई बैठक में समिति के संरक्षक जयमंत्री उरांव ने कहा कि यह कुड़ुख ग्रंथ नहीं, बल्कि बाइबल की तरह है़ इसमें प्रार्थना का गलत तरीका दिया गया है. सृष्टि स्थल का आपत्तिजनक वर्णन है. करम गोसाई को करम आत्मा कहा गया है़ इसी तरह की कई विसंगतियां है़ं इससे अपने वाली पीढ़ि अपनी मूल परंपरा, संस्कार व इतिहास को भूल जायेगी़
इससे पूर्व समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने कहा कि ईसाई पादरी अब पुस्तक व ग्रंथों के माध्यम से मूल आदिवासियों का अस्तित्व व पहचान समाप्त करने में लगे हैं और उन्हें राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के प्रो प्रवीण उरांव, बंधन तिग्गा, डॉ हरि उरांव, फादर अगस्टीन केरकेट्टा व अन्य उन्हें प्रोत्साहित कर रहे है़ं ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज करना जरूरी है़ बैठक में लोरेया उरांव, तेंबू उरांव, लुथरु उरांव, महादेव उरांव, कंचन पाहन, बिरसा भगत, बुटन महली, राजू उरांव, बबलू उरांव, शांति भगत, पूजा देवी, कावेरी उरांव, लालमुनी देवी, कुमुदनी लकड़ा, फूलमंती उरांव, मनसा उरांव व अन्य शामिल थे़
