रांची : गरीबों काे धमका कर जुर्माना वसूलने का आदी हो चुका नगर निगम अमीरों पर जब कार्रवाई करने की बात आती है, तो दंडवत हो जाता है. शुक्रवार को ऐसा ही एक मामला शहर के न्यूक्लियस मॉल के पास देखने को मिला.
यहां हुंडई मोटर द्वारा निगम से परमिशन लिये बिना स्टॉल लगा कर कार प्रचार किया जा रहा था. प्रचार प्रसार के लिए यहां होर्डिंग, बैनर के अलावा एलइडी स्क्रीन भी लगायी गयी थी. सूचना मिलने पर निगम की इंफोर्समेंट टीम यहां पहुंची. टीम ने बिना परमिशन के प्रचार-प्रसार करने पर कार कंपनी के नाम पर एक लाख 42 हजार 490 रुपये का जुर्माना काट दिया. इस पर शोरूम के कर्मचारियों के साथ निगम की टीम का विवाद हो गया.
विवाद बढ़ता देख कर कार कंपनी के लोगों ने निगम के ही एक वरीयअधिकारी को फोन लगा दिया. इसके बाद उस वरीय अधिकारी ने निगम की टीम को फोन पर जम कर डांट लगायी. इसके बाद जुर्माना वसूलने वाली टीम को निर्देश दिया गया कि वे कम से कम जुर्माना वसूल कर वहां से निकल जायें. उक्त अधिकारी के दबाव में आकर निगम की टीम ने केवल 35 हजार 622 रुपये की जुर्माना रसीद काटी. इसके बाद निगम की टीम वहां से चली गयी.
35 हजार माफ करने के लिए भी होती रही पैरवी : निगम की टीम ने 35 हजार का जुर्माना तो ठोंक दिया, लेकिन इस 35 हजार के बिल की माफी के लिए भी शनिवार को निगम में दिन भर पैरवी होती रही. बिल माफी के लिए निगम के ही एक बड़े जनप्रतिनिधि व कई अन्य विभागों के अफसरों ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कार कंपनी पर काटे गये पूरे फाइन को माफ कर दें.
ऐसी हालत में काम करना मुश्किल : नगर निगम के अधिकारियों की इस हरकत से कर्मचारी भी आहत हैं. कर्मचारियों ने कहा कि हम तो व्यवस्था बहाल करने के लिए जुर्माना वसूलने जाते हैं, लेकिन अधिकारी हमें ही जलील कर देते हैं. ऐसी हालत में अब काम करने का मन नहीं करता है.
