रांची : गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव और जेल में बंद सुजीत सिन्हा गिरोह के सक्रिय अपराधियों को पकड़ने के लिए रांची सहित आस-पास के जिले की पुलिस को स्पेशल टास्क दिया गया है. राजधानी में क्राइम कंट्रोल के लिए गठित पुलिस की खास 11 टीमों को अमन श्रीवास्तव और उसके गिरोह के अपराधियों को पकड़ने स्पेशल टास्क दिया गया है.
अपराधियों को पकड़ने के लिए मिला स्पेशल टास्क
रांची : गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव और जेल में बंद सुजीत सिन्हा गिरोह के सक्रिय अपराधियों को पकड़ने के लिए रांची सहित आस-पास के जिले की पुलिस को स्पेशल टास्क दिया गया है. राजधानी में क्राइम कंट्रोल के लिए गठित पुलिस की खास 11 टीमों को अमन श्रीवास्तव और उसके गिरोह के अपराधियों को पकड़ने स्पेशल […]

जिसके बाद से टीम अमन और उसके गुर्गाें के बारे में जानकारी जुटाने में लग गयी है. स्पेशल ब्रांच के अधिकारी भी सुजीत सिन्हा गिरोह के अपराधियों के बारे में पता कर रहे हैं. क्योंकि उसके गिरोह के नाम पर कुछ अपराधी फोन कर व्यवसायियों से रंगदारी मांग रहे हैं. इसके अलावा लेवी के लिए फायरिंग की घटना को अंजाम दे रहे हैं.
वहीं दूसरी ओर श्रीवास्तव गुट का सुप्रीमो अमन श्रीवास्तव है. उसके लिए कई अपराधी रंगदारी मांगने और रंगदारी वसूलने का काम करते हैं. पहले गिरोह के सदस्य खलारी, पिपरवार, पतरातू सहित आस-पास के इलाके में काफी सक्रिय थे.
लेकिन पिछले कुछ वर्षों में गिरोह ने अपनी सक्रियता दूसरे जिलों में भी बढ़ायी है. गिरोह का मुख्य काम कोयला कारोबारी, ठेकेदार और दूसरे व्यवसायियों से रंगदारी वसूलना है. अमन को पकड़ने के लिए पूर्व में भी रामगढ़ और रांची पुलिस को टास्क दिया गया था.
लेकिन पिछले कई वर्षों से वह पुलिस की नजर में फरार रहते हुए आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा और गिरोह को मजबूत बनाता रहा. जानकारी के मुताबिक पूर्व में पुलिस की टीम दोनों गिरोह से जुड़े अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है, लेकिन गिरोह की सक्रियता कम नहीं हुई. ऐसे में गिरोह के वैसे सदस्य जो वर्तमान में जमानत पर बाहर रहते हुए सक्रिय हैं, उनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है.