इस कारण भी बढ़ जाता है रिम्स में बच्चों की मौत का आंकड़ा
रांची : निजी अस्पताल अपने यहां भर्ती बच्चों की स्थिति गंभीर होने पर उसे रिम्स रेफर कर देते हैं. इस कारण भी रिम्स में बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ जाता है. पिछले दो दिनों में तीन निजी अस्पतालों से पांच गंभीर बच्चों को रिम्स रेफर किया गया है़ सोमवार को तीन व मंगलवार को दो बच्चों को निजी अस्पताल से रिम्स भेजा गया. निजी अस्पताल बच्चों को भर्ती कर शुरू में तो इलाज करते हैं, लेकिन जब मामला बिगड़ने लगता है, तो उसे रिम्स रेफर कर देते हैं.
रिम्स में भर्ती हुए बच्चों में से एक को लगातार झटका आ रहा था. निजी शिशु अस्पताल के कर्मचारी बाकायदा चौथे तल्ले पर स्थित शिशु विभाग में ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर आये और बच्चे को भर्ती करा कर चले गये. ऐसे में अगर इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो जाती है, तो रिम्स में बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ जायेगा. रिम्स के शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि रिम्स में लगभग डेढ़ दर्जन बच्चे निजी अस्पतालों से रेफर होकर आये हैं, जिनका इलाज चल रहा है. रिम्स के शिशु वार्ड में भर्ती तीन माह की सोनी की स्थिति गंभीर है. बच्ची निमोनिया से पीड़ित है, जिसका इलाज विभागाध्यक्ष डॉ एके चौधरी की देखरेख में चल रहा है. बच्ची को सांस लेने में परेशानी होने पर दवा दी जा रही है. काफी दिनों से उसका इलाज चल रहा है, लेकिन सुधार नहीं हो रहा है.
