रांची : मोरहाबादी मैदान में नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी भी हुई. पुलिस के रवैये से नाराज कुछ लोगों ने हंगामा भी किया.
पुलिसकर्मियों ने पूर्व विधायक से लेकर वीआइपी लोगों के साथ जम कर बकझक किया. हंगामा और धक्का- मुक्की की वजह से सुरक्षा में तैनात एक जवान का मेटल डिटेक्टर गिर गया. सिर्फ यहीं नहीं सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने कार्यक्रम का कवरेज करने पास लेकर पहुंचे पत्रकारों को भी अंदर जाने नहीं दिया. धक्का- मुक्की के बीच किसी तरह पूर्व विधायक नियल तिर्की, गोड्डा के पूर्व विधायक संजय यादव और कुछ पत्रकार के अलावा कुछ वीआइपी ही प्रवेश कर पाये. पुलिस का कहना था कि अंदर भीड़ काफी हो गयी. इसलिए लोगों को प्रवेश से रोका जा रहा है.
हंगामा के बीच सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर सुदामा चौधरी हंगामा करनेवालों का वीडियो बनाते रहे. वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के थानेदार लालपुर थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने भी मामले को सुलझाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की. हंगामा के बीच मामले में कोई सीनियर पुलिस अधिकारी भी वहां हस्तक्षेप करने नहीं आया. जबकि सुरक्षा व्यवस्था में आइजी से लेकर दूसरे रैंक के आइपीएस अधिकारी भी वहां मौजूद थे. इस बीच वहां खड़े लोग कहने लगे जब पूर्व विधायक और पत्रकारों के साथ पुलिस ऐसा कर रही है तब आम लोगों के साथ क्या होगा.
आधा घंटा पहले ही बंद तक दिया था गेट : जानकारी के अनुसार वीआइपी गेट को पुलिस ने कार्यक्रम शुरू होने के करीब आधा घंटा पहले ही बंद कर दिया था. जिसके कारण पूर्व विधायक, वीआइपी और पत्रकार जब अपना पास लेकर गेट के पास पहुंचे. तब पुलिस ने उन्हें यह कहते हुए अंदर जाने से रोक कि अब अंदर प्रवेश करने का समय समाप्त हो चुका है.
सीनियर अधिकारियों का आदेश है कि किसी को अंदर नहीं जाने दिया. लेकिन पूर्व विधायक से लेकर वीआइपी शपथ ग्रहण समारोह देखना चाहते थे, वहीं दूसरी ओर पत्रकारों को इसका कवरेज करना था. पुलिस ने अगर पास चेक कर एक के बाद एक लोगों को अंदर प्रवेश करने दिया होता, तो कोई समस्या या विवाद की स्थित उत्पन्न नहीं होती.
रास्ते में भी नेता और वीआइपी से उलझे पुलिसकर्मी : मोरहाबादी मैदान में कार पास के साथ कार्यक्रम का पास लेकर स्कॉर्पियों को दूसरे वाहन से पहुंचे नेता और वीआइपी के साथ पुलिस ने बकझक की. पुलिसकर्मियों ने कार पास होने के बाद बेरिकेडिंग के पास उनकी गाड़ी रोक दी. जब नेता ने पुलिसकर्मी को पास दिखाया. तब पुलिसकर्मी ने अपनी ड्यूटी का हवाला दे कर पल्ला झाड़ लिया
