रांची : विधानसभा चुनाव का परिणाम आते ही कांग्रेस, झामुमो, राजद के प्रदेश कार्यालयों में जान आ गयी. कार्यकर्ताओं की हलचल बढ़ी, तो पटाखे छूटने लगे और मिठाइयां भी बांटी जाने लगी. जश्न में बड़े-छोटे सभी नेता-कार्यकर्ता शरीक हुए. वहीं प्रदेश भाजपा के कार्यालय में लोग तो थे, लेकिन उल्लास नहीं था. झाविमो कार्यालय में बाबूलाल मरांडी कार्यकर्ताओं के साथ बैठे, जबकि आजसू कार्यालय में चर्चा का दौर जारी थी.
बहुमत की ओर बढ़ते ही फूटने लगे पटाखे
रांची : झारखंड की 81 विधानसभा सीटों पर मतों की गिनती शुरू होने के बाद अपने पक्ष में रुझान आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल दिखने लगा. पार्टी कार्यालय में सुबह 11 बजे के बाद से ही पटाखे फूटने लगे. बीच-बीच में ढोल-नगाड़े बज रहे थे और मिठाई बांटी जा रही थी. कार्यकर्ताओं का उत्साह देखतेबन रहा था.
जीत गया भाई, जीत गया, महागंठबंधन जीत गया
कार्यकर्ताओं का उत्साह दोपहर 12 बजे के बाद और बढ़ गया. कार्यकर्ता लगातार नारे लगा रहे थे- जीत गया भाई, जीत गया, महागठबंधन जीत गया. कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद, जिंदाबाद के भी नारे लगा रहे थे. पार्टी कार्यालय में देर शाम तक गहमागहमी रही. शाम चार बजे के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े के साथ विजय जुलूस निकाला. मिठाई बांटी और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाये.
प्रचार-प्रसार और होर्डिंग-बैनर से चल रही थी सरकार : महानगर जिला कांग्रेस, रांची के अध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि रघुवर सरकार प्रचार-प्रसार और होर्डिंग-बैनर से चल रही थी. हाथी उड़ाने का काम चल रहा था, जबकि जनता घूंट-घूंट कर मर रही थी. सरकार अहंकार में डूब गयी थी. झारखंड की जनता ने जवाब दिया है.
सुबह से ही आरपीएन सिंह सहित कार्यकर्ता कार्यालय में डटे रहे
सुबह मतों की गिनती शुरू होने के बाद से ही पार्टी कार्यालय में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह, झारखंड प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर सहित कई कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में डटे हुए थे.
श्री सिंह बार-बार कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से रांची सहित अन्य सीटों पर लड़ रहे प्रत्याशियों के बारे में पल-पल की जानकारी ले रहे थे. कार्यकर्ता भी टीवी से चिपके हुए थे. इस दौरान उदय प्रताप, रिंकू तिवारी, कमल ठाकुर, विशाल सिंह, अजय सिंह, अजय जैन, संतोष सिंह, मो बेलाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.
जेवीएम कार्यालय में रुझानों और समीकरणों पर खूब हुई चर्चा
रांची : झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी दिन के 10 बजे डिबडीह स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे़ वहां कार्यकर्ताओं के साथ 10-15 मिनट तक बातचीत की. फिर राजधनवार के लिए निकल गये. इसके बाद कार्यालय में 20-25 कार्यकर्ता रुझान व नतीजों पर नजर रखने के लिए टीवी से चिपक गये. कुछ बाहर के लोग और मीडियाकर्मी भी मौजूद थे.
उनके बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं. कोई कह रहा था कि यदि भाजपा को 35 और जेवीएम को 5-6 सीट आ आये, तो सरकार बनाने से गुरेज नहीं करना चाहिए़ टीवी पर रुझान देखते हुए तरह तरह के समीकरण तय हो रहे थे, पर 2.30 बजे के बाद इसकी संभावना नहीं दिखने पर कार्यकर्ता निराश होने लगे. वहां मौजूद कुछ लोग कह रहे थे कि पार्टी को खुलकर महागठबंधन का समर्थन कर देना चाहिए़ उन्हें आशंका थी कि ऐसा नहीं होने पर दो-तीन नेता पार्टी बदल भी सकते है़ं तमाम तरह की संभावनाओं के बीच कार्यकर्ता इस बात से खुश थे कि पार्टी सुप्रीमो जीत रहे है़ं इसका इजहार कार्यकर्ताओं ने ढेर सारे पटाखे फोड़ कर किया़ कार्यकर्ताओं का कहना था कि बाबूलाल मरांडी की जीत ही पार्टी की जीत है
पार्टी कार्यालय में पार्टी उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, कोषाध्यक्ष संजय टोप्पो, आदिवासी मोर्चा के महासचिव बालकु उरांव, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष सूरज टोप्पो, पार्टी सचिव संतोष कुमार व चुन्नू मिश्रा आदि मौजूद थे़ शाम चार बजे प्रदेश प्रवक्ता सुनीता सिंह ने कहा कि अभी स्थिति साफ नहीं है़ं पूरा परिणाम आने पर ही कुछ कहा जा सकता है़ आपात स्थिति में पार्टी सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी निर्णय ले सकते है़ं
दोपहर बाद शुरू हुआ जश्न का दौर
रांची : झामुमो कार्यालय में सुबह नौ बजे से ही गहमागहमी शुरू हो गयी थी. कार्यकर्ता जीत के प्रति आश्वस्त लग रहे थे. हर किसी की नजर मोबाइल, टीवी व न्यूज चैनल पर थी. जैसे-जैसे रुझान सामने आने लगा, कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ने लगी. हर कोई बोल रहा था कि इस बार झामुमो की सरकार बनेगी.
दोपहर 12.00 बजे के बाद जश्न का दौड़ शुरू हुआ. कोई केक लेकर आ रहा था, तो कोई मिठाई का डब्बा. यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा. कार्यकर्ताओं ने पार्टी ऑफिस के बाहर खूब आतिशबाजी की. दोपहर 1.30 बजे पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य में झामुमो की सरकार बनेगी और भाजपा को 25 से कम सीट मिलेगी.
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रति जनता का जो रिएक्शन था, उसे उन्होंने मतदान कर व्यक्त किया. उन्हाेंने कहा कि चुनाव प्रचार में भाजपा ने केंद्रीय कैबिनेट को उतारा. इससे आम जनता खुश नहीं थी. यह केवल कॉरपोरेट जगह को खुश करने के लिए था. चुनाव में भाजपा ने राष्ट्रीय मुद्दे रामजन्म भूमि, धारा 370, सीएए और एनआरसी उठाया. यहां के लोगों की बुनियादी समस्याओं को नहीं उठाया.
वहीं लोगों ने प्रदेश के मुद्दे व समस्याओं पर मतदान किया. यहां घर-घर रघुवर नहीं, भड़-भड़ रघुवर हुआ. चुनाव में 14000 स्कूलों को बंद किये जाने, गरीबों को राशन नहीं मिलने, किसान आत्महत्या, भ्रष्टाचार, महंगा प्याज व बढ़ते अपराध के खिलाफ लोगों ने मतदान किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप थे, उसे लोगों ने सही माना और अपने मतदान से फैसला सुनाया.
रघुवर दास को लोगों से माफी मांगनी चाहिए. भ्रष्टाचार को लेकर रघुवर दास व उनके कैबिनेट मंत्रियों को झामुमो एक साथ एक बड़े भवन (जेल) में पूरी सुरक्षा के साथ कई वर्षों तक रखेगी. भाजपा और आजसू ने अलग-अलग चुनाव लड़ कर लोगों के साथ छल की राजनीति की, जिसे लोगों ने नकार दिया. वहीं शाम 5.00 बजे कार्यकर्ता हेमंत सोरेन के आवास के लिए निकले.
आजसू कार्यालय : जीत पर एक दूसरे को दी बधाई
रांची : दो विधायक के जीतने पर आजसू केंद्रीय कार्यालय में लोगों ने एक दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी का इजहार किया. आजसू के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत दिन भर आइटी सेल के लोगों व पदाधिकारियों के साथ कार्यालय में डटे रहे. वे सभी जगहों से अपने प्रत्याशियों के परिणाम के बारे में जानकारी ले रहे थे. सुबह में वे शुरुआती रुझान को लेकर काफी खुश नजर आ रहे थे. उन्हें उम्मीद थी कि उनकी पार्टी दहाई अंक के आंकड़े को छू लेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
मात्र दो सीटों पर ही उनके प्रत्याशी विजयी हुए .गोमिया से लंबोदर महतो ने जीत हासिल की. इसके बाद सिल्ली सीट से पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो विजयी हुए .
डॉ भगत ने कहा कि कई विधानसभा क्षेत्रों में काफी नजदीकी मुकाबला हुआ. फिलहाल हमलोग जल्द ही पूरे परिणाम की समीक्षा करेंगे अौर आगे की रणनीति पर कार्य करेंगे. उन्होंने महागठबंधन के सभी विजयी उम्मीदवारों की शुभकामनाएं दी है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अकेले ही विधानसभा में बैठेगी अौर जनता की आवाज बनेगी. इसके बाद शाम छह बजे के बाद पार्टी कार्यालय में सन्नाटा पसर गया.सभी सुदेश महतो के विजयी जुलूस में शामिल होने के लिए निकल गये .
