रांची : कोल इंडिया के कोलकाता स्थित कार्यालय में कोल माइंस प्रोविडेंट फंड (सीएमपीएफ) बोर्ड की बैठक में सभी निजी और सार्वजनिक उपक्रम की कोयला कंपनियों को प्रति टन उत्पादन पर 10 रुपये पेंशन मद में देने का प्रस्ताव पारित किया गया. यह प्रस्ताव भारत सरकार के पास भेजा जायेगा. इस पर सहमति होने के बाद प्रति वर्ष करीब 700 करोड़ रुपये पेंशन मद में जायेगा.
बैठक की अध्यक्षता कोयला सचिव ने की. इसमें सभी कोयला कंपनियों के निदेशक कार्मिक और मजदूर यूनियनों में रमेंद्र कुमार, एसके पांडेय, डीडी रामानंदन व वाइएन सिंह आदि मौजूद थे. बैठक में कोल माइंस प्रोविडेंट फंड के नामकुम, रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय-एक और दो को सीसीएल में मुख्यालय में लाने का प्रस्ताव दिया गया. बैठक में तय किया गया कि पूर्व की तरह हर 10 माह में पेंशन राशि की गणना होगी. बैठक में पेंशन मद के लिए जो सीलिंग तय था, उसे समाप्त करने पर सहमति बनी. अभी कोयला अधिकारी या कर्मियों को अधिकतम 45 हजार रुपये पेंशन देने का प्रावधान है. सीलिंग हटाने से अधिकारियों की पेंशन बढ़ जायेगी.
