41,000 जवान लगाये गये हैं राज्य पुलिस और आर्म्ड फोर्स के
04 हेलिकॉप्टर लगाये गये हैं मतदान प्रक्रिया में, एक एयर एंबुलेंस भी तैनात
5,389 पोलिंग बूथ बनाये गये हैं आठ जिलों में
चुनाव के अंतिम और पांचवें चरण में संताल परगना के छह जिलों की 16 विधानसभा सीटों पर मतदान 20 दिसंबर को होना है. चुनावी मैच के इस ‘स्लॉग ओवर’ में संताल की पिच पर जो भी टीम (पार्टी) ज्यादा स्कोर करेगी, झारखंड की सत्ता का ताज उसी के सिर सजने की उम्मीद है.
एक-एक रन (वोट) पर खिलाड़ियों (उम्मीदवारों) की नजर है. स्लॉग ओवर में जो टीम बाजी मारेगी, वहीं चैंपियन बनेगी. हालांकि, अंपायर (वोटर) भी सोच-समझ कर ही निर्णय देगा. वह चुनाव से पहले सबकी अपील (भाषण/घोषणापत्र) को जांच-परख चुका है. 23 दिसंबर को चुनाव के परिणाम के रूप में अंपायर का फैसला सामने आयेगा.
रांची : आखिरी चरण के चुनाव में संताल की 16 विधानसभा सीटों पर शुक्रवार को मतदान होना है. इन सीटों के लिए 236 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 207 पुरुष और 29 महिला उम्मीदवार शामिल हैं. इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला आठ जिलों के 40.05 लाख मतदाताओं के हाथ में है. कुल वोटरों में 20.49 लाख पुरुष, 19.55 लाख महिला व 30 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं.
शुक्रवार को होनेवाले मतदान के लिए 5389 पोलिंग बूथ बनाये गये हैं. इनमें 1717 बूथ अति संवेदनशील और 1973 संवेदनशील के रूप में चिह्नित किये गये हैं. नक्सल प्रभावित इलाकों में 396 बूथ अति संवेदनशील और 208 बूथ संवेदनशील हैं. गैर नक्सल इलाकों में अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 1321 और संवेदनशील की संख्या 1765 है.
11 विधानसभा क्षेत्रों में शाम पांच बजे तक मतदान
चुनाव आयोग ने सुरक्षा कारणों से 11 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे शाम पांच बजे तक मतदान का समय निर्धारित किया है. जबकि शेष पांच सीटों पर दोपहर तीन बजे तक ही वोट पड़ेंगे. मतदान के लिए निर्धारित समय तक बूथ में जो मतदाता मौजूद रहेंगे, उनको मतदान की अनुमति होगी. मतदान के लिए 8987 बैलेट यूनिट, 6738 कंट्रोल यूनिट और 7006 वीवीपैट का इस्तेमाल किया जा रहा है. मतदाताओं की संख्या 16 से अधिक होने की वजह से राजमहल, नाला, जरमुंडी, सारठ और महगामा में एक से ज्यादा इवीएम का इस्तेमाल होगा.
शांतिपूर्ण मतदान के लिए किये गये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, बेफिक्र हो करें मतदान
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित मतदान के लिए पूरी तैयारी की है. मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए आर्म्ड फोर्सेज के 41 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती की गयी है. इसके अलावा चार हेलिकॉप्टर और आपात काल के एक एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गयी है. मतदान के दिन पुलिस मूवमेंट को लेकर आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये हैं.
1347 बूथों पर वेबकास्टिंग के जरिये चुनाव आयोग सीधी नजर रखेगा. आयोग ने सुरक्षा की दृष्टि से आठ मतदान केंद्रों को री-लोकेट किया है. लिट्टीपाड़ा में दो, शिकारीपाड़ा में पांच और जामा में एक मतदान केंद्र को री-लोकेट किया गया है. इन सभी मतदान केंद्रों के मतदाताओं को लाने के लिए नि:शुल्क वाहन चलाये जायेंगे. वाहन मतदाता को उसके घर से मतदान केंद्र तक लायेंगे और वोट देने के बाद वापस भी ले जायेंगे.
