हजारीबाग : हादसे में एक ही परिवार के तीन की मौत

हजारीबाग में एनएच-33 पर मोरंगी के पास बुधवार तड़के 4:30 बजे हुई घटना हजारीबाग/नामकुम : हजारीबाग में एनएच-33 पर मोरंगी के पास बुधवार तड़के 4:30 बजे एक तेज रफ्तार बोलेरो (जेएच 01 बी-5974) ने सड़क किनारे खड़े ट्रक में टक्कर मार दी. हादसे में बोलेरो में सवार रांची के नामकुम स्थित सदाबहार चौक निवासी खटाल […]

हजारीबाग में एनएच-33 पर मोरंगी के पास बुधवार तड़के 4:30 बजे हुई घटना
हजारीबाग/नामकुम : हजारीबाग में एनएच-33 पर मोरंगी के पास बुधवार तड़के 4:30 बजे एक तेज रफ्तार बोलेरो (जेएच 01 बी-5974) ने सड़क किनारे खड़े ट्रक में टक्कर मार दी. हादसे में बोलेरो में सवार रांची के नामकुम स्थित सदाबहार चौक निवासी खटाल व्यवसायी दीनानाथ सिंह की पत्नी, पुत्री और साला की मौत हो गयी. जबकि श्री सिंह गंभीर रूप से घायल हो गये. उनका इलाज नामकुम के महुआटोली स्थित मैक्स हॉस्पिटल में चल रहा है. ये सभी लोग बिहार के छपरा स्थित पैतृक घर से लौट रहे थे. घटना के बाद जोरार निवासी बोलेरो चालक रॉबिन और उसका दोस्त मौके से फरार हो गया.
हजारीबाग मुफ्फसिल थाना के प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बोलेरो सवार लोग छपरा से रांची आ रहे थे. इसमें दीनानाथ सिंह समेत परिवार के चार लोग और चालक व उसका दोस्त सवार थे. मोरंगी के पास बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकरायी.
टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गये. हादसे में दीनानाथ सिंह (60), उनकी पत्नी बेबी देवी (52), बेटी बबली कुमारी (30) और साला मनोज सिंह (45) गंभीर रूप से घायल हो गये. पुलिस बोलेरो को कब्जे में लेकर थाना चली गयी. साथ ही घायलों को प्राथमिक उपचार कराने के बाद इलाज के लिए रांची भेज दिया. रांची ले जाने के क्रम में पत्नी, बेटी और साला की मौत हो गयी. तीनों लोगों के शव का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया. वहीं, दीनानाथ को महुआटोली स्थित मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. उनके सिर और कमर में गंभीर चोट आयी है.
माेहल्ला हुआ गमगीन: नामकुम के एक ही मोहल्ले से एक साथ तीन अर्थी उठी. सदाबहार चौक स्थित घर से मां बेबी देवी व बेटी बबली और कालीनगर स्थित आवास से दीनानाथ सिंह के साले मनोज की अंतिम यात्रा निकली.
जिसने भी यह नजारा देखा, गमगीन हो उठा. हादसे में मां, बहन और मामा को खो चुके गुड्डू (दीनानाथ सिंह के बड़े बेटे) ने बताया कि मंझले भाई गब्बर सिंह के श्राद्धकर्म के बाद पिता नामकुम से छपरा स्थित गांव गये थे. एक सप्ताह पूर्व घर में गिरने से उनका पैर टूट गया था. पिता को लाने नामकुम से बोलेरो से मां-बहन और मामा दो दिन पहले छपरा गये थे.
मंगलवार रात सभी छपरा से रवाना हुए थे. सुबह लगभग साढ़े तीन बजे हजारीबाग सदर अस्पताल से फोन आया कि उनके परिजन दुर्घटना में घायल हो गये हैं. इसके बाद वह दोस्तों के साथ हजारीबाग पहुंचा. पता चला कि मां और मामा की मृत्यु हो चुकी है. बहन की स्थिति गंभीर है. डॉक्टरों ने रिम्स ले जाने को कहा. इसके बाद बहन को लेकर रिम्स पहुंचे, लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गयी. बता दें कि गब्बर सिंह ने 20 दिन पूर्व घर में ही आत्महत्या कर ली थी. दूसरी ओर पोस्टमार्टम के बाद शाम साढ़े पांच बजे तीनों शव एक साथ नामकुम पहुंचा. शव के पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया.
चालक से कहा : बाहर निकालो, पर भाग गया
दीनानाथ सिंह ने बताया कि बोलेरो में चालक रॉबिन की बगल की सीट पर उनका साला मनोज बैठा था. बीच वाली सीट पर उनके अलावा पत्नी और बेटी बैठी थीं. वहीं, सबसे पीछे की सीट में चालक का दोस्त बैठा था.
सभी मंगलवार शाम सात बजे छपरा से रांची के लिए चले थे. घटना के वक्त चालक को छोड़कर सभी सो रहे थे. अचानक टक्कर की आवाज हुई. देखा कि पत्नी, बेटी और साला लहूलुहान थे. चालक रॉबिन गाड़ी से उतर कर भागने लगा. उन्होंने चालक को आवाज लगायी कि जो होना था, हो गया हमें बाहर निकालो. उन्होंने दो-तीन बार चालक से विनती की, लेकिन वह सभी को गाड़ी में ही छोड़कर दोस्त के साथ भाग गया.

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