चंदवे स्कूल के बूथ 214 पर कंट्रोल यूनिट की मशीन में गड़बड़ी, मतदान रुका
दोपहर बाद कई बूथों पर तो मतदानकर्मी
मतदाताओं का इंतजार करते दिखे
रांची : कांके विधानसभा क्षेत्र में शहर और ग्रामीण इलाके पड़ते हैं. 4,03,606 मतदाता वाले इस विधानसभा क्षेत्र में खलारी, बुढमू, पिठोरिया, कांके, कांके रोड से बरियातू, मोरहाबादी, कोकर आदि इलाके पड़ते हैं.
शहरी इलाकों में मतदान की गति काफी सुस्त रही. इस वजह से कांके विधानसभा क्षेत्र में 2014 के चुनाव की तुलना में इस बार मात्र तीन फीसदी ही अधिक मतदान हुआ. पिछली बार कांके विधानसभा क्षेत्र में 59.81 फीसदी वोट पड़े थे, जबकि इस बार करीब 62.83 फीसदी वोट पड़े हैं.
दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में सुबह में मतदाताओं में उत्साह दिखा. हालांकि बाद में कतारें छोटी होती गयीं. कई बूथों पर तो मतदानकर्मी मतदाताओं का इंतजार करते देखे गये. सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम सभी मतदान केंद्रों में दिखा. कुल मिलाकर अरबन और सेमी अरबन इलाकों में मतदाताओं की रुचि कम देखी गयी.
इस कारण छोटी-छोटी कतारें देखी गयीं. चंदवे प्राथमिक विद्यालय बूथ नंबर 214 में कंट्रोल यूनिट की मशीन में 11.45 बजे गड़बड़ी आ जाने के कारण मतदान रोकना पड़ा. करीब 1.30 बजे कंट्रोल यूनिट बदलने के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई. स्थानीय सांसद संजय सेठ ने विधानसभा के कई क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लिया.
मतदान को लेकर बुजुर्गों में ज्यादा उत्साह दिखा. प्रशासन ने कई मॉडल बूथ बनाये थे. इसे सजाया गया था. वहीं, वोटरों को परेशानी नहीं हो, इसका भी ख्याल रखा गया था. कांके विधानसभा क्षेत्र के खलारी इलाके में महिला मतदाताओं व ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं में काफी उत्साह दिखा. औद्योगिक कॉलोनियों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता वोट को लेकर ज्यादा उत्साहित थे.
वृद्ध वोटर बोलीं
अच्छी सरकार बने ताकि राज्य का विकास हो. राज्य की तरक्की से ही यहां के लोगों का विकास होगा. पानी, बिजली, पढ़ाई, स्वास्थ्य की सुविधा लोगों को मिले. महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो.
द्रौपदी देवी, बरियातू
महिला वोटर बोलीं
महंगाई काफी बढ़ गयी है. इससे घर चलाने में काफी परेशानी हो रही है. यह कम होना चाहिए. पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था हो. जिससे राज्य के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़े.
निर्मला लकड़ा, बरियातू
युवा वोटर बोले
सरकार युवाओं को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराये. पढ़नेवालों की संख्या तो बढ़ रही है, उस अनुपात में सरकारी नौकरी नहीं बढ़ रही है. पढ़ाई के बाद बेरोजगारी की समस्या नहीं हो.
नवीन कुमार नायक
पहली बार वोट डाला
महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर मतदान किया है. महिलाओं को लेकर देशभर में होनेवाली घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. बेटी को पढ़ाने के पहले उसे बचाना भी जरूरी है. सरकार शिक्षा पर भी ध्यान दे.
जेनिफर सिंह, कोकर
