डीइओ व डीएसइ के साथ की वीडियो कांफ्रेंसिंग
रांची : मैट्रिक परीक्षा 2020 की तैयारी को लेकर स्कूल आवश्यकता अनुरूप घंटी आधारित शिक्षक रख सकते हैं. शिक्षक अधिकतम 65 दिन व पांच फरवरी तक के लिए रखे जा सकते हैं. इस आशय का निर्देश मंगलवार को स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक को दिया.
जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि मैट्रिक परीक्षा की तैयारी को लेकर आवश्यकता अनुरूप शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति विद्यालयों में की जाये. अगर शिक्षक उपलब्ध नहीं हो तो घंटी आधारित शिक्षक रखे जायें. इसकी प्रक्रिया जल्द पूरा करने को कहा गया.
उल्लेखनीय है कि मैट्रिक व इंटर की परीक्षा फरवरी में होगी. मैट्रिक, इंटर की परीक्षा के साथ-साथ कक्षा आठ, नौ व 11वीं की आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारी की भी समीक्षा की गयी. विद्यार्थियों के बायोमैट्रिक्स उपस्थिति की तैयारी की भी समीक्षा की गयी. इसके लिए पूर्व में भी जिलों को दिशा-निर्देश दिया गया था. हाइस्कूलों में बायोमैट्रिक सिस्टम काम कर रहा है. इसके बारे में जिलावार रिपोर्ट ली गयी. सभी शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि किसी हाल में शिक्षकों की उपस्थिति सत्यापन के वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया जाये.
जल्द राशि वापस करने का निर्देश : इसके साथ ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान व सर्व शिक्षा अभियान की बकाया राशि जल्द से जल्द वापस करने को कहा गया. दोनों अभियान को एक साथ मिला कर समग्र शिक्षा अभियान शुरू किया गया है. अभियान के बंद होने के बाद कई जिलों में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान व सर्व शिक्षा अभियान की राशि बची हुई है, इसे जल्द लौटाने को कहा गया. जिलों में लगभग 164 करोड़ रुपये बकाया थे, जिसमें से सौ करोड़ वापस कर दिये गये हैं.
इस संबंध में पूर्व में भी जिलों को दिशा-निर्देश दिया गया था. छात्रवृत्ति योजनाओं में विद्यार्थियों के आवेदन की स्थिति की भी जानकारी ली गयी. राज्य में नेतरहाट विद्यालय व इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय के तर्ज पर खुले विद्यालयों में नामांकन व पठन-पाठन की स्थिति की भी समीक्षा की गयी. इन विद्यालयों में नामांकन की स्थिति की भी संबंधित जिलों से जानकारी ली गयी.
हाइस्कूल, इंटर कॉलेज मदरसा, संस्कृत विद्यालय की मान्यता के लिए दिये गये आवेदन की स्थिति की भी जिलावार जानकारी ली गयी. मान्यता संबंधित प्रस्ताव के समय पर निष्पादन का निर्देश दिया गया. जिलों द्वारा बताया गया कि मान्यता संबंधित प्रस्तावों पर प्रावधान के अनुरूप कार्रवाई की गयी है.
