बार एसोसिएशन की पहल से अपने घर पहुंचे बलदेव महतो
रांची : ठंड में ठिठुर रहे और भीख मांग कर अपना पेट पाल रहे अधिवक्ता बलदेव राम महतो को रांची जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने उनके घर पहुंचाया.
श्री महतो को उनके पुत्र को सौंप कर अधिवक्तागण वापस लौटेे. इससे पहले अधिवक्ताअों ने देखा कि उनका पुत्र कुत्ता को बेटा जैसा पाल रहा था, जबकि पिता को रखने में उन्हें परेशानी हो रही थी़ यात्री शेड में अधिवक्ता का चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा था. बालों में लट व बढ़ी हुई दाढ़ी और गंदे कपड़ों का लबादा ओढ़े वह अचेत अवस्था में पड़े थे. अधिवक्ताओं ने नाई बुलाकर उनकी बाल दाढ़ी बनवायी. फिर उनके कपड़े बदले और साफ कपड़ा पहनाया.
जिस यात्री शेड में वे इतने दिनों से पड़े हुए थे, ठीक उसके बगल में अधिवक्ताओं का घर भी है, लेकिन किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी़ श्री महतो का हाल-हुलिया ठीक कर सभी हरिहर सिंह रोड स्थित उनके घर पहुंचे. यहां उनके दो पुत्र, पत्नी, पोता-पोती और बहु दो तल्ला मकान से बाहर निकली और और अकड़ कर बलदेव महतो पर लांछन लगाने लगी. इनलोगों ने एक कुत्ता भी पाल रखा है, जिसने खाने-पिलाने पर उनके पुत्रों का विशेष ध्यान था, लेकिन अपने पिता को इन्होंने यात्री शेड में मरने के लिए छोड़ दिया था.
इन्होंने किया सहयोग
बलदेव महतो को घर पहुंचाने में अधिवक्ता रतीश रौशन उपाध्याय के साथ अजय कुमार मुरारका, वाइजुर रहमान, रंजीत वर्मा, निर्मल मुंडा, राणा प्रियरंजन सिंह, रजाउल्ला अंसारी, प्रेम कुमार रवानी, अशरफ अंसारी एवं अमरेंद्र त्रिवेदी आदि ने सहयोग किया़
