वंदना दुबे
सेवा भाव से काम करनेवाली सामाजिक संस्थाओं को बढ़ावा दे सरकार
राजनीति का खास मकसद देश को आगे ले जाने के लिए होना चाहिए. राजनीति में ईमानदार लोगों का आना जरूरी है. आज जिसकी कमी दिखती है.
पढ़े-लिखे और ईमानदार लोग जब राजनीति में शामिल रहेंगे, तो इसकी छवि अच्छी होगी. राजनीति का मकसद कहीं न कहीं देश को आगे ले जाना होना चाहिए. और इसी बात को ध्यान में रखकर चुनाव में वोट करना चाहिए. झारखंड में विकास हुआ है. जबकि कई सेक्टरों में यह अभी पिछड़ा हुआ है. यहां लोगों को राशन मिल रहा है. हेल्थ को लेकर आयुष्मान भारत जैसी कारगर योजना चल रही है.
अस्पतालों में पहले से सुविधाएं बेहतर हुई हैं. लेकिन रूरल एरिया में हेल्थ को लेकर अभी और काम करने की जरूरत है. डॉक्टरों की कमी है. महिला सुरक्षा को लेकर सरकारें उदासीन रहती हैं. बेसहारा और लाचार महिलाओं को रखने के लिए शेल्टर की व्यवस्था दुरुस्त हो. हमारे यहां बाल विवाह की भी गंभीर समस्या है. सरकारी सिस्टम दुरुस्त हो. ताकि लाभुक बिना भ्रष्टाचार के इसका लाभ ले सकें. एक और बात मैं कहना चाहूंगी कि सरकार सेवा भाव से काम करने वाली सामाजिक संस्थाओं को बढ़ावा दे.
सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और प्रोत्साहन के लिए सरकारें नहीं सोचती है. उनके लिए भी बीमा-पेंशन जैसी योजना बने. जिससे वे और बेहतर कार्य कर सकें. सोशल वर्कर को सम्मान देने का काम करे सरकार. राजनीति में व्यापक सोच और चारित्रिक दृढता जरूरी है. तभी राज्य और आगे बढ़ेगा.
(प्रवीण तिवारी से बातचीत पर आधारित)
वोट की अपील
राज्य के विकास के लिए मतदान जरूर करें. आपके एक-एक वोट से ही राज्य की दिशा व दशा बदल सकती है. अच्छे उम्मीदवार चुन कर आयें, जिससे राज्य का भला हो सके. चुनाव के दिन स्वयं वोट दें, परिवार के सदस्यों को जो वोटर हैं, उन्हें वोट दिलायें अौर अपने आसपास के लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित करें.
