पाटन : पाटन के सेमरी गांव के रहनेवाले मोइनुद्दीन मियां की उम्र लगभग 85 साल हो गयी है. मोइनुद्दीन स्वस्थ्य हैं. कहते हैं कि पहले और अब के चुनाव अंतर तो आसमान जमीन का हो गया है. वह तब से वोट दे रहे हैं, जब नेहरू जी चुनाव लड़ते थे.
पहले उम्मीदवार कम होते थे. लेकिन जो भी चुनाव लड़ते थे उनके अंदर सादगी होती थी. बहुत ज्यादा तामझाम में विश्वास रखने वाले लोग नही थे. इतना हो हल्ला भी नहीं होता था. लेकिन अब के चुनाव में डीजे का शोर है. इतना शोरगुल होता है कि आम आदमी परेशान हो उठता है.
हर एक उम्मीदवार दूसरे उम्मीदवार से ज्यादा तामझाम करने में लगा है. तब के दौर में नेताओं के प्रति आमजनता के मन में श्रद्धा का भाव होता था. इसलिए बड़े नेताओं की सभा होती थी, तो लोग अपने साधन से किसी तरह परेशानी उठा कर भी पहुंच जाते थे. अब तो यह इंतजार करते है कि दरवाजे तक गाड़ी आये. खाने पीने की व्यवस्था हो, उसके बाद जायेंगे.
ऐसा न करें. मोइनुद्दीन का कहना है कि मेदिनीनगर के चियांकी में इंदिरा गांधी सहित कई बड़े नेताओं की सभा हुई थी, जिसमें वे लोग अपने-अपने साधन से गये थे. तब के नेता पैसा से नहीं बल्कि, अपने कार्य व समर्पण भाव से जनता का दिल जीतते थे. पर अब ऐसा नहीं रहा. बहुत बदल गया. इस उम्र में भी मोइनुद्दीन की लोकतंत्र के प्रति आस्था बरकरार है. कहते हैं कि वोट देने जरूर जायेंगे. जब तक जिंदगी है वोट देते रहेंगे.
