सुनिए झारखंड के नायकों को : फुटबॉल खिलाड़ी निराश, कर रहे इस खेल से किनारा, प्रोत्साहन की है जरूरत

सुबोध महतो राज्य के फुटबॉल खिलाड़ी निराश हैं और इस खेल से किनारा कर रहे हैं मैं खिलाड़ी हूं और मैं केवल खिलाड़ियों के हित के बारे में सोचता हूं. मैं यही कहूंगा कि चुनाव में पहला मुद्दा खिलाड़ियों के प्रोत्साहन से संबंधित होना चाहिए. अगर फुटबॉल की बात करें तो यहां बननेवाली किसी भी […]

सुबोध महतो
राज्य के फुटबॉल खिलाड़ी निराश हैं और इस खेल से किनारा कर रहे हैं
मैं खिलाड़ी हूं और मैं केवल खिलाड़ियों के हित के बारे में सोचता हूं. मैं यही कहूंगा कि चुनाव में पहला मुद्दा खिलाड़ियों के प्रोत्साहन से संबंधित होना चाहिए. अगर फुटबॉल की बात करें तो यहां बननेवाली किसी भी पार्टी की सरकार ने फुटबॉल के खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं किया है.
फुटबॉल खिलाड़ी निराश हैं और इस खेल से किनारा कर रहे हैं. इसलिए अगर खिलाड़ियों के हित का मुद्दा हो, तो इससे खिलाड़ियों का भला हो सकता है. इसके अलावा जिसकी भी सरकार बने, वह खिलाड़ियों को रोजगार देने के बारे में सोचे. हम अपने राज्य के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन जब हम जीत कर आते हैं, तो हमें निराशा होती हैं. खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है. जिससे वे खेलें और अपने राज्य का नाम रोशन कर सकें. दूसरी बात या मुद्दा ये होना चाहिए कि यहां के युवकों को रोजगार में प्राथमिकता देने की जरूरत है.
रोजगार में बाहरी युवकों से अधिक स्थानीय को मौका देने की जरूरत है. इससे यहां युवाओं का जोश बढ़ेगा और वे झारखंड के विकास में अपना सहयोग करेंगे. सरकार को गांव में आकर जमीनी हकीकत से रू-ब-रू होने की जरूरत है. ताकि पता चले कि कहीं विकास सिर्फ कागजों पर तो नहीं हुअा है. इसके अलावा भ्रष्टाचार को खत्म करने की जरूरत है.
गांव के लोग जब कोई काम करवाने जाते हैं, तो सरकारी दफ्तरों में उन्हें एक काम करवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं. अब ऐसी स्थिति में गांव के लोग कहां जाये. इसलिए ऐसी सरकार बने जिससे खिलाड़ियों के साथ-साथ आम लोगों का भी भला हो सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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