विनोद पाठक, गढ़वा : गढ़वा शहर के लिए बाइपास का निर्माण जिला बनने के 28 साल और झारखंड बनने के 19 साल बीत जाने के बाद भी नहीं हो सका. गढ़वा जिला छत्तीसगढ़, यूपी व बिहार तीन राज्यों की सीमा से लगा हुआ है. इन राज्यों को आवागमन से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय पथ बना हुआ है. इसमें एनएच-75 गढ़वा शहर के बीच से होकर गुजरता है. साथ ही एनएच-75 से एनएच-343 और एनएच-98 भी जुड़ता है.
गढ़वा में नहीं बना बाइपास रोड
विनोद पाठक, गढ़वा : गढ़वा शहर के लिए बाइपास का निर्माण जिला बनने के 28 साल और झारखंड बनने के 19 साल बीत जाने के बाद भी नहीं हो सका. गढ़वा जिला छत्तीसगढ़, यूपी व बिहार तीन राज्यों की सीमा से लगा हुआ है. इन राज्यों को आवागमन से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय पथ बना […]

इसके कारण इस मार्ग पर अंतरराज्यीय यात्री बसों एवं भारी मालवाहक वाहनों की भीड़ लगी रहती है. बाइपास के अभाव में सभी वाहनों को गढ़वा शहर के बीच से गुजरना पड़ता है. इसके कारण एक तरफ जहां शहर में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, वहीं दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं. इसको देखते हुए जिला बनने के बाद से गढ़वा शहर के लिए लंबे समय से बाइपास की मांग की जाती रही है.
क्या कहते हैं विधायक
गढ़वा में शीघ्र बाइपास रोड का निर्माण होगा. बाइपास के कारण गढ़वावासियों की परेशानी के विषय में विधानसभा में भी मामला उठा चुका हूं. रांची-मुंड़ीसेमर फोरलेन के बाइपास के निर्माण के क्रम में बाइपास के लिए रोडमैप तैयार हो चुका है. जमीन की मापी हो चुकी है. बाइपास का शिलान्यास भी किया जा चुका है. भू-अर्जन का काम पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा.
सत्येंद्रनाथ तिवारी, विधायक, गढ़वा
सड़क जाम इस कदर रहता है कि एंबुलेंस को भी जगह नहीं मिल पाती है. सड़क पर वाहन की बात तो दूर, अक्सर पैदल चलना भी मुश्किल होता है. भारी वाहनों के कारण प्रदूषण भी बढ़ रहा है.
डॉ मुरली प्रसाद गुप्ता, रेडक्रॉस सोसाइटी.
मेन रोड में रोज दुर्घटना होती रहती है. ध्वनि व वायु प्रदूषण के कारण खांसी, सर्दी व दमा की बीमारी बढ़ गयी है. साथ ही व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है.
विनोद कमलापुरी, अध्यक्ष जायंट्स ग्रुप फेडरेशन
गढ़वा के व्यवसायी पिछले 10 साल से गंभीर रूप से बाइपास निर्माण के लिए आंदोलनरत हैं. लेकिन इसके बाद भी बाइपास रोड नहीं बना. जाम के कारण ग्राहक मेन रोड में आने से कतराते हैं.
सुनील बिहारी, व्यवसायी.