बोर्ड मीटिंग में कोल इंडिया ने किया संशोधन
रांची : कोल इंडिया ने सलाहकार के रूप में काम करनेवाले कंपनी के अधिकारियों के मानदेय में संशोधन किया है. कोल इंडिया की 392वीं बोर्ड की बैठक में इस पर सहमति बनी थी. इसे कोल इंडिया ने अधिसूचित कर दिया है. इसके अनुसार कोल इंडिया इ-2 रैंक से लेकर सीएमडी स्तर तक के अधिकारियों को सलाहकार के रूप में रखता है. बैठक में तय किया गया है कि सेवानिवृत्त चेयरमैन या निदेशक को सलाहकार के रूप में रखने पर 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह दिये जायेंगे. अभी एक लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है.
यह मानदेय फुल टाइम सलाहकार को दिया जाता है. बैठक में इ-9 रैंक के अफसर को 1.20 लाख रुपये प्रतिमाह देने पर सहमति बनी है. अभी 80 हजार रुपये मिलते हैं. इ-8 रैंक के अधिकारी को अभी 70 हजार रुपये की जगह 1.05 लाख रुपये, इ-7 रैंक के अफसर को 60 हजार की जगह 90 हजार, इ-6 रैंक के अफसर को 50 हजार की जगह 75 हजार, इ-5 रैंक के अफसर को 40 हजार रुपये की जगह 60 हजार, इ-4 रैंक में 35 हजार की जगह 52,500 रुपये, इ-3 रैंक के अफसर को 45 हजार और इ-2 रैंक के अफसर को 25 हजार की जगह 37,500 रुपये देने पर सहमति बनी है.
कई अधिकारी काम कर चुके हैं सलाहकार के रूप में: सीएमपीडीआइ से रिटायर्ड होने के बाद एके देबनाथ भी कोल इंडिया के सलाहकार और महानदी कोल फील्ड्स से रिटायर्ड होने के बाद एमके सिन्हा आइआइसीएम के सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे. कंपनी के नियम के अनुसार कोई भी अधिकारी अधिकतम दो साल ही सलाहकार के रूप में काम कर सकते हैं.
