रांची :रिम्स से बाहर भेजने पर वीआरएस लेंगे डॉक्टर

रांची :स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य में बने तीन नये मेडिकल कॉलेजों में रिम्स से डॉक्टरों को भेजने के लिए तैयार की जा रही सूची का डॉक्टरों ने विरोध किया है. डॉक्टरों ने सोमवार को टेली मेडिसिन विभाग में बैठक कर फैसला लिया कि अगर सरकार दूसरे मेडिकल कॉलेजों में यहां के डॉक्टरों को भेजती है, […]

रांची :स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य में बने तीन नये मेडिकल कॉलेजों में रिम्स से डॉक्टरों को भेजने के लिए तैयार की जा रही सूची का डॉक्टरों ने विरोध किया है.
डॉक्टरों ने सोमवार को टेली मेडिसिन विभाग में बैठक कर फैसला लिया कि अगर सरकार दूसरे मेडिकल कॉलेजों में यहां के डॉक्टरों को भेजती है, तो वे वीआरएस ले लेंगे. इसके अलावा कोर्ट की शरण में जाने के विकल्प पर भी विचार करेंगे. डॉक्टरों का कहना है कि सरकार अपने ही आदेश का उल्लंघन कर रही है. कैबिनेट के फैसले के बाद सरकार द्वारा जारी किये गये आदेश में साफ लिखा है कि यहां के डॉक्टरों को रिम्स से बाहर पदस्थापित नहीं किया जा सकता है.
रिम्स टीचर्स एसोसिएशन के डॉ प्रभात कुमार ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि अधिकतर विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर का पद खाली है.
एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर पद पर सेवा दे रहे डॉक्टरों को अगर दूसरे अस्पतालों में भेज दिया जाता है, तो रिम्स पर असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व स्वास्थ्य सचिव को ज्ञापन दिया जायेगा. पूरे मामले से अवगत कराया जायेगा. बैठक में दो दर्जन से ज्यादा डॉक्टर शामिल हुए.
रिम्स पर पड़ेगा असर
बैठक में शामिल डॉक्टरों का कहना था कि हममें से किसी की नौकरी एक या दो साल बची हुई है. सरकार अगर हमें दूसरे अस्पतालों में भेजती है, तो रिम्स में एमबीबीएस की 250 सीट अधर में पड़ जायेगी. वहीं पीजी सीट भी खतरे में पड़ जायेगी. सरकार के इस फैसले से रिम्स संकट में पड़ सकता है. साथ ही तीनों नये मेडिकल कॉलेज भी नहीं बच पायेगा.

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