भाकपा राष्ट्रीय परिषद की दो दिनी बैठक में विभिन्न मुद्दों पर बनी रणनीति
रांची : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा ने कहा है कि देश आर्थिक संकट से गुजर रहा है और मोदी सरकार हिंदू-मुस्लिम के नाम पर लोगों को लड़ा रही है. देश के अंदर कल कारखाने बंद हो रहे हैं.
मजदूरों की छंटनी हो रही है, लेकिन मोदी सरकार सिर्फ और सिर्फ आरएसएस के एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए हिंदुत्व के नाम पर वोट की राजनीति कर रही है. श्री राजा रविवार को राज्य परिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. श्री राजा ने कहा कि मोहन भागवत मॉब लिंचिंग और सेक्यूलरिज्म को विदेशी शब्द कह कर नकारते हैं, तो दूसरी तरफ एफडीआइ का स्वागत करते हैं. आरएसएस के इशारे पर देश को चलाना राष्ट्र हित में नहीं है, इसलिए वाम दलों के लोगों ने राष्ट्रव्यापी आर्थिक संकट के विरोध में आंदोलन की तैयारी की है.
गठबंधन की पहल करे झामुमो : मौके पर राज्य सचिव भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके गठबंधन को हराने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को एक मंच पर आना चाहिए.
राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी झामुमो को पहल करनी चाहिए. सभी को सम्मानजनक समझौते के तहत चुनाव लड़कर भाजपा समर्थकों को हराना चाहिए. भाकपा गठबंधन के रूप में छह सीटों पर लड़ना चाहती है. अगर समझौता नहीं होता है, तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य की 19 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिसकी तैयारी पहले से ही चल रही है. चिह्नित किये गये विधानसभा क्षेत्र में चुनावी तैयारी तेज करने के लिए साथियों को जानकारी दी गयी है.
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रमेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण तमाम औद्योगिक क्षेत्रों के मजदूरों में आक्रोश है. इसलिए आठ जनवरी को पूरे देश में आम हड़ताल की घोषणा मजदूर संगठनों ने की है. इसका पार्टी समर्थन करेगी. इस मौके पर राज्य के सहायक सचिव महेंद्र पाठक, राजेंद्र यादव और आफताब आलम मौजूद थे.
