रांची : आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 429 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है. इधर, विभिन्न निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के संचालन में गड़बड़ी की शिकायतें भी लगातार मिलती रहती हैं. इनमें मरीजों से स्वास्थ्य सेवाअों के लिए पैसे लेना, किसी इलाज के लिए निर्धारित राशि का भुगतान गलत तरीके से लेना तथा अस्पताल में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव सहित अन्य शिकायतें शामिल हैं.
45 अस्पतालों को शो कॉज, 28 निलंबित व 11 पर लगा जुर्माना
रांची : आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 429 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है. इधर, विभिन्न निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के संचालन में गड़बड़ी की शिकायतें भी लगातार मिलती रहती हैं. इनमें मरीजों से स्वास्थ्य सेवाअों के लिए पैसे लेना, किसी इलाज के लिए निर्धारित राशि का भुगतान गलत तरीके […]

इन शिकायतों के मद्देनजर अब तक 45 अस्पतालों को शो-कॉज हुआ है व 28 की संबद्धता निलंबित की गयी है. वहीं रांची के देवकमल अस्पताल तथा भारती अस्पताल (पलामू व दुमका) सहित 11 अस्पतालों पर जुर्माना लगाया गया है.
सिस्टम से ही जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, आयुष्मान योजना से संबद्धता में बड़ी गड़बड़ी हुई है. अगर सही तरीके से सभी निजी अस्पतालों की जांच हो जाये, तो 30 फीसदी से अधिक अस्पतालों की संबद्धता समाप्त हो जायेगी. हालांकि कई मामले में कुछ गलतियां भी होती हैं.
जैसे रामगढ़ स्थित पीवीटीजी हेल्थ केयर की संबद्धता निलंबित करने के मामले में झारखंड राज्य आरोग्य समिति ने सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया. गौरतलब है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस अस्पताल के संबद्धता मामले की सुनवाई करते हुए समिति के निर्णय को गलत ठहराया तथा इसकी संबद्धता बहाल करने को कहा. इसके बाद उक्त अस्पताल को फिर से सूचीबद्द कर लिया गया है.