रांची : मदरसों की चौथी बार जांच के निर्णय से शिक्षकों में नाराजगी

रांची : राज्य के 186 सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों के शिक्षकों और कर्मचारियों ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह व निदेशक जटाशंकर चौधरी के उस निर्णय की आलोचना की है, जिसमें कहा गया है कि डीसी द्वारा इन मदरसों की जांच फिर से की जायेगी. मौलाना मोहम्मद हम्माद कासमी ने बताया कि […]

रांची : राज्य के 186 सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों के शिक्षकों और कर्मचारियों ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह व निदेशक जटाशंकर चौधरी के उस निर्णय की आलोचना की है, जिसमें कहा गया है कि डीसी द्वारा इन मदरसों की जांच फिर से की जायेगी. मौलाना मोहम्मद हम्माद कासमी ने बताया कि पहले भी डीसी ने इन मदरसों की जांच की है. जैक ने समीक्षा रिपोर्ट दी है और डीइओ ने ग्रेडिंग की है.
इसे लेकर प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को इन पदाधिकारियों से मुलाकात भी की थी. इस निर्णय के मद्देनजर ऑल झारखंड मदरसा टीचर्स एसोसिएशन की आपात बैठक शुक्रवार को अंजुमन प्लाजा स्थित मदरसा इस्लामिया में हुई, जिसमें इस निर्णय के खिलाफ 11 अक्तूबर को साहेबगंज के मदरसा हसैनिया हबीबपुर में बैठक कर रणनीति तय करने का निर्णय लिया गया.
बैठक में संबंधित मदरसों के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को मौजूद रहने के लिए कहा गया है. अध्यक्षता मदरसा मजहरूल उलूम, पाकुड़ के प्रिंसिपल मौलाना रियाजउद्दीन ने की. बैठक में मास्टर शरफुद्दीन रशीदी, मास्टर शाहजहां, मौलाना अलाउद्दीन, मौलाना रिजवान कासमी, मौलाना नाजिम खान, मास्टर अबुल कलाम, मौलाना अब्दुल वदूद, मौलाना मोहम्मद हम्माद कासमी और अन्य मौजूद थे़

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