रांची : झामुमो के चुनाव चिह्न पर प्रतिबंध लगाने के जदयू के आग्रह को झामुमो ने बचकाना हरकत करार दिया है. पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि जदयू की यह हरकत पार्टी व बिहार के सीएम नीतीश कुमार के संकुचित मानसिकता को दर्शाती है. इसके लिए जदयू को जनता से माफी मांगनी चाहिए.
पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो आदिवासी-मूलवासी, भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू के संघर्ष के प्रतीक चिह्न को अपना चुनाव चिह्न बनाया. अगर देखा जाये तो मर्यादा पुरुषोतम राम ने भी अन्याय के खिलाफ तीर-धनुष के साथ संघर्ष किया. अगर जदयू को झामुमो के चुनाव चिह्न पर आपत्ति है, तो उसे उसे बताया चाहिए कि भगवान ब्रह्म जी, लक्ष्मी जी के हाथ में कमल है, क्या यह किसी धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है?
भगवान विश्वकर्मा की सवारी हाथी है. ऐसे में यह चुनाव चिह्न किसी राजनीतिक दल का नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय झारखंड आये और वित्त व्यवस्था पर अपना ज्ञान बांट कर चले गये. परंतु झारखंड की तंगहाल अर्थव्यवस्था पर कुछ नहीं बोले.
न ही नक्सवाद पर बात की. बकोरिया के फर्जी मुठभेड़ पर चुप्पी साध ली. झारखंड में केंद्रीय मंत्रियों का दौरा सिर्फ राज्य की जनता को बरगलाने के लिए हो रहा है. आजसू के स्वराज स्वाभिमान जनादेश यात्रा पर पूछे गये सवाल पर श्री भट्टाचार्य ने कहा कि अगर आजसू को पांचों प्रमंडल को मिला कर पांच सीट मिल जाये तो काफी है.
