जामताड़ा का करमाटांड़ प्रखंड आज से विद्यासागर प्रखंड बना, ईश्वरचंद्र विद्यासागर की 200वीं जयंती पर रघुवर का एलान

रांची : झारखंड सरकार ने महान समाज सुधारक और नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक ईश्वर चंद्र विद्यासागर को उनकी 200वीं जयंती पर श्रद्धांजिल देते हुए अपने एक प्रखंड का नाम बदलकर उनके नाम पर कर दिया है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विद्यासागर को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि झारखंड का जामताड़ा जिला उनकी कर्मभूमि […]

रांची : झारखंड सरकार ने महान समाज सुधारक और नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक ईश्वर चंद्र विद्यासागर को उनकी 200वीं जयंती पर श्रद्धांजिल देते हुए अपने एक प्रखंड का नाम बदलकर उनके नाम पर कर दिया है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विद्यासागर को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि झारखंड का जामताड़ा जिला उनकी कर्मभूमि रही. उनकी कर्मभूमि करमाटांड़ प्रखंड अब ईश्वर चंद्र विद्यासागर प्रखंड के नाम से जाना जायेगा.

मुख्यमंत्री ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि संपूर्ण समाज विशेषकर युवा वर्ग को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘महान समाज सुधारक और नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर शत-शत नमन. उनकी कर्मभूमि रहा झारखंड का करमाटांड़ प्रखंड अब ईश्वर चंद्र विद्यासागर प्रखंड के नाम से जाना जायेगा.’

उल्लेखनीय है कि ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर, 1820 को हुआ था. उन्होंने अपने जीवन के 18 साल करमाटांड़ में बिताये. संथाल परगना के करमाटांड़ में वह सिर्फ रहे ही नहीं, उन्होंने लोगों के जीवन स्तर और सामाजिक ढांचे को बदलने में अहम भूमिका निभायी.

ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने संथाल की लड़कियों के लिए पहले स्कूल की शुरुआत की. उन्होंने होम्योपैथिक क्लिनिक की शुरुआत की, जहां गरीब आदिवासियों का मुफ्त में इलाज होता था. बंगाल में नवजागरण के प्रणेता ईश्वर चंद्र विद्यासागर महान शिक्षाविद, दार्शनिक, व्यापारी, लेखक, अनुवादक, मुद्रक, प्रकाशक, समाज सुधारक और समाजसेवी थे.

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