रांची : झारखंड अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड(जुडको) में प्रोजेक्ट डायरेक्टर टेक्निकल के पद के लिए हुए इंटरव्यू का रिजल्ट अब तक नहीं निकला है. इसकी वजह से आरोपी इंजीनियर ही प्रोजेक्ट डायरेक्टर टेक्निकल के अतिरिक्त प्रभार में हैं.
गौरतलब है कि सरकार ने जुडको के तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर टेक्निकल सुधीर साहू के त्याग पत्र देने के बाद राजीव कुमार बासुदेव को इस पद का अतिरिक्त प्रभार दिया. इसके लिए 15 जून को नगर विकास विभाग ने आदेश जारी किया.
इसके बाद जुलाई में इस पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया. इसके आलोक में मिले आवेदनों की छंटनी के बाद 10 आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. हालांकि, 17 अगस्त को हुए इंटरव्यू में आठ ही आवेदक शामिल हुए. इंटरव्यू के दो माह बाद भी विभाग ने रिजल्ट नहीं निकाला. इससे राजकुमार बासुदेव ही कार्यकारी व्यवस्था के तहत प्रोजेक्ट डायरेक्टर का काम काज निबटा रहे हैं.
गड़बड़ी का आरोप है इंजीनियर पर : सरकार ने जुलाई 2017 में बासुदेव को जुडको के मुख्य अभियंता के पद पर नियुक्त किया था. इस नियुक्ति में सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया था.
नियमानुसार कांट्रैक्ट पर एक साल के लिए नियुक्त करने का प्रावधान है. इस अवधि में संबंधित व्यक्ति का काम संतोषप्रद होने पर उसे एक एक साल की अवधि विस्तार देकर अधिकतम तीन साल तक काम लेने का प्रावधान है. लेकिन नगर विकास विभाग ने बासुदेव को एक ही साथ तीन साल के लिए नियुक्त कर लिया.
इस इंजीनियर पर नगर विकास में मुख्य अभियंता के रूप में काम करने के दौरान सड़क निर्माण की योजना में गड़बड़ी का आरोप लगा था. इससे संबंधित शिकायत की जांच के दौरान जांच समिति ने बासुदेव को दोषी करार दिया. हालांकि, बाद में इस जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए एक समिति का गठन किया गया. इस समिति ने अब तक जांच रिपोर्ट की समीक्षा कर सरकार को अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है.
