शिविर लगा किसानों को पेंशन योजना से जोड़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को रांची की धरती से किसान मानधन योजना का ऑनलाइन शुभारंभ करेंगे रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को रांची से किसान मानधन योजना (पेंशन योजना) का ऑनलाइन शुभारंभ करेंगे. पहले चरण में राज्य के एक लाख किसानों को इस योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को रांची की धरती से किसान मानधन योजना का ऑनलाइन शुभारंभ करेंगे

रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को रांची से किसान मानधन योजना (पेंशन योजना) का ऑनलाइन शुभारंभ करेंगे. पहले चरण में राज्य के एक लाख किसानों को इस योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल और कृषि सचिव पूजा सिंघल ने सोमवार को सूचना भवन में सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस योजना की प्रगति की जानकारी ली.

डॉ बर्णवाल ने उपायुक्तों से कहा कि प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के लक्ष्य को प्रतिबद्धता के साथ पूरा करें. इसके लिए पंचायतों में लगातार शिविर लगायें. किसानों को आॅनलाइन सूचीबद्ध करें, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके.
हर जिले से किसानों की हो भागीदारी : कृषि सचिव
कृषि सचिव ने उपायुक्तों से कहा कि 12 सितंबर को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हर जिले से किसानों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए. जो किसान इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, उन्हें बाकायदा पहचान पत्र उपलब्ध करायें.
प्रचार-प्रसार कर किसानों को करें जागरूक
डॉ बर्णवाल ने कहा कि 12 सितंबर को इस योजना के शुभारंभ के बाद भी इससे किसानों को जोड़ने का काम जारी रखें. पंचायतों में इस योजना का प्रचार-प्रसार व्यापक तरीके से करायें, ताकि दूर-दराज के किसानों को इसकी जानकारी मिल सके और वे इसका लाभ उठा सकें. उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि किसानों की डाटा इंट्री का काम किसी भी कीमत पर जिला स्तर पर केंद्रीकृत नहीं होना चाहिए. यह पंचायत के स्तर पर किया जाना है.
क्या है प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना
किसानों को सामाजिक सुरक्षा कवच व वृद्धावस्था में आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए सुनिश्चित मासिक पेंशन के रूप में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना लागू की जा रही है. योजना के तहत किसानों को उम्र के आधार पर 55 से 200 रुपये प्रति माह पेंशन निधि में अंशदान जमा करना होगा.
18 से 40 वर्ष के किसानों का ही रजिस्ट्रेशन हो सकेगा. किसानों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद 3000 मासिक पेंशन मिलेगी. 60 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले अगर किसान की मृत्यु होती है, तो आश्रित पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन के रूप में 50 प्रतिशत यानी 1500 रुपये हर माह मिलेंगे.
डाटा इंट्री मामले में झारखंड छठे स्थान पर
कृषि सचिव ने बताया कि किसान मानधन योजना को लेकर लाभुकों की डाटा इंट्री के मामले में झारखंड का बेहतर रिस्पांस मिल रहा है. यहां 65 हजार किसानों की डाटा इंट्री हो चुकी है. इस मामले में झारखंड पूरे देश में छठे स्थान पर है. उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि वे थोड़ा और प्रयास करें, ताकि एक लाख किसानों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य हासिल हो सके.
अक्तूबर माह से बदल जायेगी पोषाहार आपूर्ति की व्यवस्था
रांची. राज्य के 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू इट पोषाहार की आपूर्ति की व्यवस्था अक्तूबर माह से बदल जायेगी. अब सखी मंडलों के माध्यम से पूरक पोषाहार की आपूर्ति की जायेगी. इसकी देखरेख झारखंड आजीविका मिशन करेगा.
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील बर्णवाल ने सोमवार को सभी जिलों के उपायुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इस नयी व्यवस्था के बारे में जानकारी दी. उन्होंने उपायुक्तों को इसकी तैयारी करने का निर्देश दिया. डॉ बर्णवाल ने कहा कि इस नयी व्यवस्था को लेकर सभी स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते खोले जायें और उन्हें ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाये.
उन्होंने निर्देश दिया कि शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीक के ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्रों से टैग करें, ताकि वहां भी सखी दीदी द्वारा आपूर्ति की जा सके. इसकी मॉनिटरिंग भी करें. जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राजीव ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत छह माह से तीन साल के बच्चों, गर्भवती महिलाअों, धात्री माताअों व छह माह से छह साल के कुपोषित बच्चों को रेडी टू इट पोषाहार दिया जाता है.

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