रांची : रांची नगर निगम ने सीवरेज-ड्रेनेज योजना के तहत दो साल पहले हरिहर सिंह रोड में नाली और सड़क बनवायी थी. इसमें दो करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आयी थी. लेकिन, दो साल बाद ही यह सड़क फिर बदहाल हो गयी. बारिश का पानी सड़क पर जमा होने की वजह से तालाब का दृश्य बन रहा है.
वहीं, दो साल में ही सड़क के बदहाल हो जाने के कारण स्थानीय लोग योजना पर सवाल उठाने लगे हैं. सड़क के मुहाने पर बने गोकुलधाम अपार्टमेंट के पीछे सड़क पर पानी जमा है. अपार्टमेंट से निकलने वाला गंदा पानी भी यहीं जमा हो रहा है. सड़क के अाधे से ज्यादा हिस्से में में पानी भरा हुआ है और लोगों को इसी से होकर आना-जाना करना पड़ रहा है.
टूटी सड़क को दुरुस्त करने का निर्देश
रांची. एनएच-23 (रांची-गुमला मार्ग) पर आइटीआइ बस स्टैंड के निकट से हरमू को जोड़नेवाली सड़क की दशा खराब है. सड़क के 300 मीटर हिस्से पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गये हैं. सड़क पर केवल कीचड़ नजर आ रहा है. यहां से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है. दोपहिया वाहन चालक कच्ची सड़क होने की वजह से फिसल कर गिर रहे हैं. गाड़ियां भी फंस रही हैं. इसे देखते हुए अभियंता प्रमुख रास बिहारी सिंह ने इसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया है.
उन्होंने संबंधित कार्यपालक अभियंता से कहा है कि वह इस सड़क को चलने लायक बनवायें. यह सड़क दो जगहों से एनएच-23 पर जुड़ती है. बजरा व आइटीआइ बिजली सब स्टेशन से निकल कर यह सड़क हेहल होते हुए पीपरटोली में निकलती है, जो आगे हरमू जाती है.
