रांची : माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) से एक सप्ताह में जिला के सभी प्लस टू उच्च विद्यालय व हाइस्कूल में विषयवार शिक्षक व विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी देने को कहा है.
निदेशक जटाशंकर चौधारी ने शुक्रवार को सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग की.मौके पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की. जिला शिक्षा पदाधिकारी को 15 सितंबर तक विद्यार्थियों और शिक्षकों की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों को वैसे विद्यालयों में भेजा जायेगा, जहां उनकी आवश्यकता है.
निदेशालय को मिली जानकारी के अनुसार कई विद्यालयों में जिस विषय के शिक्षक की नियुक्ति की गयी है, उक्त विद्यालय में उस विषय के विद्यार्थी नहीं है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक अब प्रत्येक शुक्रवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करेंगे. निदेशक ने छात्रवृत्ति योजना के बारे में जानकारी ली. विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि वितरण की रिपोर्ट भी देने के लिए कहा गया है. न्यायालय में लंबित मामलों की भी जानकारी मांगी गयी है.
एक वर्ष में दस हजार शिक्षकों की नियुक्ति : राज्य के हाइस्कूल व प्लस टू उच्च विद्यालयों में एक वर्ष में लगभग दस हजार शिक्षकों की नियुक्ति हुई. हाइस्कूल में कई विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया फिलहाल चल रही है.
शिक्षकों के पदस्थापन को लेकर स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग को कई जिलों से शिकायत मिली है कि कुछ विद्यालयों में वैसे विषयों के शिक्षकों का पदस्थापन कर दिया गया है, जिसमें उक्त विषय के विद्यार्थी नहीं है. ऐसे शिक्षक दूसरे विषयों की कक्षा ले रहे हैं या फिर कक्षा ले ही नहीं रहे हैं.
वोकेशनल विषयों की भी मांगी है जानकारी : राज्य के प्लस टू उच्च विद्यालयों में चलनेवाले वोकेशनल कोर्स के प्रयोगशाला सहायक, अनुदेशक व विद्यार्थियों की संख्या के बारे में भी जानकारी देने को कहा गया है. राज्य के 59 प्लस टू उच्च विद्यालयों में इंटर लेवल पर वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई होती है. कई ट्रेड में एक भी विद्यार्थी नहीं है. इसके बाद भी वर्षों से प्रयोगशाला सहायक व अनुदेशक वेतन ले रहे हैं.
