रांची : राज्य मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि राज्य में आदर्श गांव बनाये जायेंगे. इसकी शुरुआत की जा रही है. पायलट प्रोजेक्ट के तहत खूंटी जिले के 760 गांवों का चयन किया गया है.
वहां गुमला व पश्चिमी सिंहभूम के स्वयं सहायता समूह की 40 महिलाओं (लोक प्रेरक दीदी) के लिए पहले बैच का प्रशिक्षण 10 सितंबर से शुरू होगा. उन्हे मानदेय भी मिलेगा. इसके बाद वे गांवों को आदर्श बनाने के लिए वहीं के लोगों को ट्रेनिंग देंगी. इस तरह ग्रामीणों के माध्यम से उनके गांवों को आदर्श बनाया जायेगा. सरकार दीनदयाल ग्राम स्वावलंबन योजना के तहत यह काम कर रही है. पहले चरण में तीन जिलों की महिलाअों को ट्रेनिंग दी गयी है, जो खूंटी में जाकर रहेंगी.
श्री त्रिपाठी ने बताया कि राज्य में काफी आधारभूत संरचना व विकास के लिए पैसे देने के बाद भी गांव आदर्श नहीं बन रहे हैं. देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अध्ययन के बाद इस नतीजे पर पहुंचा गया कि अब ग्रामीणों के सहयोग को ही प्राथमिकता देनी होगी. राज्य समन्वयक गुरजीत सिंह, मनरेगा प्लानिंग सेल के राजीव कुमार व ट्रेनिंग पदाधिकारी कुमार सौरभ भी मौजूद थे.
इन क्षेत्रों में करना है काम : ग्रामसभा की नियमित साप्ताहिक बैठक, ग्रामीणों द्वारा गांव की नियमित सफाई, श्रमदान, नशा मुक्ति, झगड़ा मुक्ति, प्लास्टिक मुक्त, बाल विवाह, बाल श्रम, जनसंख्या नियंत्रण, डायन प्रथा, दहेज प्रथा, खेल व योग का महत्व, खुले में शौच से मुक्ति, शिक्षा, चिकित्सा, टीकाकरण आदि पर काम करना है.
