रांची : 2019 की जनसंख्या के आधार पर बने कार्ड

रांची : देश भर के खाद्य मंत्रियों की पांचवीं परामर्शी बैठक मंगलवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान की अध्यक्षता में विज्ञान भवन नयी दिल्ली में हुई. इसमें झारखंड के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने मांग की कि राज्यों को राशन कार्ड बनाने के लिये 2019 की जनसंख्या को आधार मान लेने पर झारखंड […]

रांची : देश भर के खाद्य मंत्रियों की पांचवीं परामर्शी बैठक मंगलवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान की अध्यक्षता में विज्ञान भवन नयी दिल्ली में हुई.
इसमें झारखंड के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने मांग की कि राज्यों को राशन कार्ड बनाने के लिये 2019 की जनसंख्या को आधार मान लेने पर झारखंड में राशन कार्ड के लिये एक भी आवेदन पेंडिंग नहीं रहेगा. अभी करीब 8.5 लाख आवेदन अलग-अलग जिलों में पेंडिंग हैं. कारण की राशन कार्ड 2011 की जनगणना के आधार पर बन रहे हैं. देश की आबादी प्रति वर्ष 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है.
श्री राय ने कहा कि 5-5 किलो के पैकेट में अनाज एफसीआइ गोदाम से मिलना चाहिए. पैकेट बनाने का काम राज्य के कामगार भी कर देंगे, यदि उन्हें एफसीआइ गोदाम में जगह दे दे. इससे कार्डधारियों को कम अनाज मिलने की शिकायत समाप्त हो जायेगी. उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र -एक राशन कार्ड झारखंड मे लागू हो गया है. बूढ़े, बीमार और एक सदस्यीय परिवार को खोजकर राशन डीलर उसके घर जाकर राशन पहुंचायेगा. उन्होंने श्री पासवान से मांग की कि अभी प्रतिव्यक्ति प्रतिमाह पांच किलोग्राम अनाज मिलता है.
इसे बढ़ाकर सात किलो किया जाये. सरकार ने चावल में पौष्टिक तत्व डालकर फोर्टिफाइड पोषाहार बनाने का निर्णय लिया है. उन्होंने डोर स्टेप डिलेवरी की जगह गोदाम से अनाज का उठाव सीधे डीलर करे, यह व्यवस्था की जाये. केंद्रीय मंत्री ने श्री राय की सलाह पर विचार करने का आश्वासन दिया.

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