रांची : राजधानी और आसपास के इलाके में क्राइम कंट्रोल के लिए पुलिस जमानत पर निकले अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने का काम करती है.
समय-समय पर थानेदार को क्राइम मीटिंग में जमानत पर निकले अपराधियों के सत्यापन का टास्क दिया जाता है, ताकि उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके. लेकिन वर्तमान में जमानत पर निकले अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने का पुलिस का सिस्टम फेल हो चुका है. ऐसा इसलिए है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में राजधानी में चेन छिनतई और लूट की घटनाओं को जेल से जमानत पर बाहर निकले अपराधियों ने ही अंजाम दिया है.
अगर पुलिस अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रख रही होती, तो एक घटना के बाद अपराधी पकड़े जा सकते थे. लेकिन कुछ अपराधी आधा दर्जन से अधिक घटना, तो कुछ एक दर्जन से अधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद पुलिस की पकड़ में आये. वह भी तब जब पुलिस को अपराधियों के बारे में सीसीटीवी फुटेज के जरिये सुराग मिला और उसके आधार पर उनकी पहचान हुई.
इन उदाहरणों से समझें कि कैसे पुलिस का निगरानी रखने का सिस्टम हो रहा है फेल
आठ घटनाओं को अंजाम देकर भी पकड़े नहीं गये, बाद में जेल गये, तब पता चला कि पहले भी कर चुके हैं अपराध
अरगोड़ा पुलिस की टीम ने महिला से चेन छिनतई के केस में शुक्रवार को नौशाद उर्फ परवेज और साजिद अंसारी को गिरफ्तार किया. नौशाद वर्ष 2019 में ही जेल गया था. वह 27 दिन बाद जेल से बाहर निकला.
इसके पहले दोनों आरोपी 2013 से लेकर 2018 के बीच गंभीर प्रकृति के अपराध के मामले में कई बार जेल जा चुके हैं. फिर जेल से निकलने के बाद नौशाद ने परवेज के साथ मिल कर राजधानी में छिनतई और लूट की आठ घटनाओं को अंजाम दिया, लेकिन वे पकड़े नहीं गये. इससे स्पष्ट है कि जमानत पर बाहर निकलने के बाद उनकी गतिविधियों पर पुलिस निगरानी नहीं रख रही थी.
जेल से बाहर निकले, तो 11 वारदात को दिया अंजाम सीसीटीवी से पहचान होने पर बाद में पुलिस ने पकड़ा
रांची पुलिस की टीम ने चेन छिनतई करने वाले गिरोह के ऋषभ कुमार उर्फ छोटू, गौरव कुमार और रजनीश कुमार को आठ अगस्त को गिरफ्तार किया. आरोपियों चेन छिनतई और लूट की 12 घटनाओं का खुलासा किया. गिरफ्तार आरोपी चुटिया थाना क्षेत्र के रहनेवाले थे.
इसमें ऋषभ और गौरव का पहले से डकैती, चोरी और छिनतई केस में अापराधिक रिकॉर्ड रहा है. सभी केस 2013 से 16 के बीच के थे. इन मामलों में ये जेल भी गये थे. फिर जेल से निकलने के बाद 11 घटनाओं को अंजाम देने के बाद दोनों की पहचान चेन छिनतई की घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई.
