रांची : बिरसा कृषि विवि के कृषि संकाय के अधीन कार्यरत कृषि, कृषि अभियांत्रिकी एवं उद्यान विषय के चार कॉलेजों के विद्यार्थियों ने शनिवार को कुलपति डॉ आरएस कुरील से मुलाकात की. उन्होंने कुलपति को शैक्षणिक कैलेंडर व पुस्तकालय की समस्याअों से अवगत कराया. इसके बाद कृषि संकाय के ऑडिटोरियम में कुलपति ने विद्यार्थियों व शिक्षकों की एक साथ बैठक बुलायी.
सभी संकायों में सेमेस्टर कैलेंडर कड़ाई से लागू हो
रांची : बिरसा कृषि विवि के कृषि संकाय के अधीन कार्यरत कृषि, कृषि अभियांत्रिकी एवं उद्यान विषय के चार कॉलेजों के विद्यार्थियों ने शनिवार को कुलपति डॉ आरएस कुरील से मुलाकात की. उन्होंने कुलपति को शैक्षणिक कैलेंडर व पुस्तकालय की समस्याअों से अवगत कराया. इसके बाद कृषि संकाय के ऑडिटोरियम में कुलपति ने विद्यार्थियों व […]

इसमें कृषि महाविद्यालय, कांके एवं गढ़वा, कृषि अभियांत्रिकी, कांके एवं उद्यान महाविद्यालय, खुूंटपानी(चाईबासा) के विद्यार्थियों ने नियमित क्लास, परीक्षा, क्लास रूम में प्रोजेक्टर एवं साउंड सिस्टम, पुस्तकालय का समय बढ़ाने, फील्ड विजिट आदि विषयों को रखा. चर्चा में मौजूद शिक्षकों ने भी अपनी बात छात्रों व कुलपति के साथ साझा की.
इसके बाद कुलपति ने बिंदुवार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए डीन एग्रीकल्चर डॉ एमएस यादव तथा कुलसचिव डॉ नरेंद्र कुदादा को निर्देश दिया. उन्होंने कुलसचिव को अविलंब सेमेस्टर कैलेंडर जारी करने तथा प्रत्येक संकाय में इसे कड़ाई से पालन कराने का आदेश दिया. जिससे आगे किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो.
परीक्षा की तिथि की जानकारी एक माह पहले दें
कुलपति ने परीक्षा की तिथि की जानकारी एक महीना पूर्व, क्लासेज के नोट्स वेबसाइट पर कोर्स शुरू होते ही डाउनलोड करने, क्रेडिट आवर के मुताबिक व्यावहारिक एवं थ्योरी की क्लासेज सुनिश्चित कराने को कहा. कुलपति ने फील्ड विजिट के लिए मिनी बस, क्लास रूम में प्रोजेक्टर एवं साउंड सिस्टम के बेहतर रख-रखाव तथा पुस्तकालय का समय प्रात: आठ बजे से रात्रि 10 बजे तक करने और छात्रों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए पुस्तकों की संख्या बढ़ाने व दो की जगह तीन पुस्तक प्रति सप्ताह निर्गत करने का निर्देश दिया.
कुलपति ने छात्रों को नियमित रूप से क्लास में मौजूद रहने का बी निर्देश दिया. मौके पर डॉ जगरनाथ उरांव, डॉ राघव ठाकुर, डॉ एसके पाल, डॉ जेडए हैदर, डॉ कुमुद सिंह, डॉ पीके सिंह, डॉ एस कर्मकार, प्रो डीके रूसिया और डॉ डीके शाही आदि उपस्थित थे.