लीजिए! नगर निगम ने और सस्ती कर दी वाहनों की पार्किंग
रांची : रांची नगर निगम बोर्ड की बैठक गुरुवार को मेयर आशा लकड़ा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में शहर के चार तालाबों के सौंदर्यीकरण के योजना को स्वीकृति दी गयी. वहीं, हाल ही में ट्रैफिक को-ऑर्डिनेशन कमेटी ने दोपहिया के लिए 10 रुपये और चारपहिया के लिए 30 रुपये प्रति तीन घंटे की पार्किंग दर तय की थी, जिसे निगम बोर्ड ने खारिज कर दिया गया.
डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि नवंबर 2018 में ही निगम बोर्ड ने पार्किंग की दर तय की थी, जिसके तहत दोपहिया के लिए पांच रुपये प्रति तीन घंटे और चारपहिया के लिए 20 रुपये प्रति तीन घंटे पार्किंग दर तय हुई थी. कमेटी ने बोर्ड के प्रस्ताव को दरकिनार कर नयी दर लागू की थी, जो हमें मंजूर नहीं है.
ट्रैफिक को-ऑर्डिनेशन कमेटी वैसे भी निगम बोर्ड से ऊपर नहीं है. इसलिए पूर्व में बोर्ड द्वारा तय की गयी दर को ही स्वीकृति दी जानी चाहिए. डिप्टी मेयर इस संबंध में नगर आयुक्त को जल्द से जल्द दर को संशोधित करने का आदेश दिया. कहा कि जल्द से जल्द पार्किंग शुल्क कम हो, ताकि आम आदमी को इसका लाभ मिले.
छह अटल मुहल्ला क्लिनिक खोलने को मंजूरी : बैठक में इसके अलावा छह अन्य स्थानों पर अटल मुहल्ला क्लिनिक खोलने, नाली सफाई के लिए एक सकर मशीन खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. बैठक में हटिया विधायक नवीन जायसवाल, विधायक रामकुमार पाहन सहित कई वार्ड पार्षद उपस्थित थे.
डेढ़ घंटे बाद शुरू हुई बैठक, 53 में से 40 पार्षद नाराज होकर बाहर निकल गये
निगम बोर्ड की बैठक दिन के 11:00 बजे से निर्धारित थी. लेकिन मेयर, डिप्टी मेयर का कार्यक्रम रांची रेलवे स्टेशन में होने के कारण वे दोपहर 12:30 बजे सभागार में पहुंचे. मेयर-डिप्टी मेयर के विलंब से पहुंचने पर पार्षद भड़क गये.
पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि जब 11 बजे से बैठक निर्धारित थी, तो मेयर-डिप्टी मेयर डेढ़ घंटे देरी से क्यों पहुंच रहे हैं. पार्षदों के इस सवाल पर मेयर-डिप्टी मेयर ने कहा कि वे रेलवे के एक कार्यक्रम से आ रहे हैं. इसलिए विलंब हो गया. पार्षद इस पर भी शांत नहीं हुए. पार्षदों का कहना था कि आपके समय की कीमत है और हमारे समय का कोई मोल नहीं है. जब आपलोगों को रहना ही नहीं था, तो बैठक आज स्थगित करा देते.
हम भी आराम से घर में रहते. इसलिए आज इतना विलंब हो गया है, तो आज किसी भी हाल में बैठक नहीं होगी. इतना कह कर 53 पार्षदों में से 40 पार्षद बैठक से निकल गये. बाद में बैठक हॉल से बाहर निकल कर डिप्टी मेयर ने पार्षदों से बैठक में शामिल होने के लिए मिन्नतें भी की, लेकिन एक भी पार्षद बैठक में नहीं आये.
