रांची/मेसरा : बीआइटी ओपी के मुंशी दीपक कुमार (38) ने शुक्रवार को फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. उनका शव थाना परिसर स्थित कमरे में रस्सी के सहारे पंखा से लटका मिला. बाद में दरवाजा तोड़ कर शव निकाला गया. सूचना पाकर मजिस्ट्रेट के साथ सदर डीएसपी, सिटी डीएसपी, सिटी एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी जांच के लिए पहुंचे.
दीपक मूल रूप से गुजरात के सूरत का रहनेवाला था. वर्तमान में उनका परिवार दो-तीन पीढ़ियों से शास्रीनगर (जमशेेेदपुुर) में रह रहा है. परिवार में टिस्को से सेवानिवृत्त पिता सुखदेव भाई पटेल के अलावा मां तारा बेन पटेल, पत्नी पूनम पटेल, बेटी माही कुमारी (8), धुर्वी कुमारी (4) और छोटा भाई प्रकाश पटेल हैं.
जानकारी के अनुसार दिन के लगभग ढाई बजे एएसआई शिवजी मंडल ने तीन बार मुंशी को फोन किया. फोन रिसीव नहीं होने पर शिवजी मंडल थाना पहुंचे और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की. शक होने पर उन्होंने खिड़की को धक्का देकर खोला, तो दीपक फंदे से लटका मिला. फिर सभी को शिवजी मंडल ने सूचना दी.
फोन पर अंतिम बार पत्नी से हुई थी बात : दीपक अंतिम बार फोन पर पत्नी से बात कर रहा था. वह पत्नी से बात करते-करते थाना परिसर स्थित कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर बात करने लगा.
इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ. इसके बाद उसने फांसी लगा ली. थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना के बाद मुंशी की पत्नी से फोन पर बात हुई, तो वह बोली, कुछ हुआ तो नहीं है. उसने कुछ कर तो नहीं लिया. इसके बाद पत्नी का कई बार दीपक के मोबाइल पर फोन आया. तब थाना प्रभारी ने उसकी पत्नी को घटना की जानकारी दी.
दो दिन पूर्व मां से मिलकर आया था ड्यूटी पर : दीपक कुमार दो दिन पूर्व बीमार मां तारा बेन पटेल से मिलकर आया था. सात सितंबर को वह अपनी बेटी का जन्मदिन भी धूमधाम से मनाने के लिए जानेवाला था.
दीपक की मौत की जानकारी मिलने के बाद छोटा भाई प्रकाश पटेल रात के नौ बजे अपने पड़ोसियों के साथ जमशेदपुर से बीआइटी ओपी पहुंचा. उसने पुलिस से घटना की जानकारी ली. पुलिस ने शव को मेदांता स्थित शीत गृह में भेज दिया. शव को पोस्टमार्टम के लिए सुबह रिम्स भेजा जायेगा.
थाना में पुलिसकर्मी कर चुके हैं आत्महत्या
15 अप्रैल 2019 को गुमला थाना में पदस्थापित प्रशिक्षु दारोगा अनिल सिंह मुंडा ने थाना भवन के ऊपरी तल्ले में स्थित बैरक की छत के हुक से सहारे गमछा से लटक कर आत्महत्या कर ली थी. अनिल सिंह मुंडा सिल्ली स्थित बंता गांव के रहनेवाले थे.
