रांची : केंद्र की योजना चल रही है, तो राज्य का प्रस्ताव क्यों

रांची : महिला एसएचजी को कृषि उपकरण बांटने के मामले में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह ने कृषि विभाग से कई मामलों में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है. विभागीय मंत्री द्वारा अनुमोदन प्राप्त इस योजना पर श्री सिंह ने पूछा है कि जब इस तरह की केंद्र प्रायोजित योजना चल रही है, तो राज्य योजना […]

रांची : महिला एसएचजी को कृषि उपकरण बांटने के मामले में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह ने कृषि विभाग से कई मामलों में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
विभागीय मंत्री द्वारा अनुमोदन प्राप्त इस योजना पर श्री सिंह ने पूछा है कि जब इस तरह की केंद्र प्रायोजित योजना चल रही है, तो राज्य योजना से स्कीम चलाने का प्रस्ताव क्यों है? 2016-17 और 2017-18 में कितने एसएचजी को कृषि उपकरण दिये गये हैं. श्री सिंह ने विभाग से यह भी पूछा है कि एसमैम एवं नये संशोधित प्रस्ताव में एकरूपता होने से बचने के लिए विभाग ने क्या प्रावधान किया है.
विभाग ने मांगा जवाब : श्री सिंह द्वारा उठाये गये सवालों पर कृषि विभाग ने भूमि संरक्षण निदेशालय और झारखंड एग्रीकल्चर मशीनरी टूल्स एंड ट्रेनिंग सेंटर (जेएएमटीटीसी) से जवाब मांगा है. असल में महिला एसएचजी को कृषि उपकरण वितरण करने का प्रस्ताव दोनों संस्थाओं ने दिया है.
दोनों प्रस्ताव विभाग की संचिका में है. विभागीय मंत्री ने दोनों संचिका पर सहमति दे दी है. अपने जवाब में जेएएमटीटीसी के कार्यपालक निदेशक आरपी सिंह ने लिखा है कि एसमैम मात्र तीन करोड़ रुपये की योजना है. इससे मात्र 100 समूहों को ही लाभ दिया जा सकता है, जबकि राज्य योजना से व्यापक रूप में कृषि उपकरण का वितरण होगा. एसमैम में मिनी ट्रैक्टर का वितरण नहीं होता है, राज्य योजना से मिनी ट्रैक्टर का वितरण भी होगा.
वहीं भूमि संरक्षण निदेशालय ने लिखा है कि इस साल करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से कृषि उपकरण देने का प्रस्ताव है. कृषि उपकरण बांटने का काम भूमि संरक्षण निदेशालय को करना है. इसके बावजूद जेएएमटीटीसी ने यह प्रस्ताव दिया है, जो तकनीकी रूप से यह गलत है. इससे संबंधित आदेश पूर्व के विभागीय सचिव ने दिया है. पिछले साल इस योजना पर काम नहीं हो सका था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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