रांची : सिमडेगा में पुल धंसने के मामले में ठेकेदार राजेंद्र प्रसाद को पहले ही ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है. यानी विभाग ने उसका नाम काली सूची में डाल दिया था. उसे तीन पुलों का काम मिला था. इसमें से दो पुलों का काम हो गया था, वहीं एक पुल का काम पूरा नहीं हुआ था. ऐसे में विभाग ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार के दो करोड़ से अधिक रुपये भी जब्त कर लिये थे.
वहीं गिरमा नदी पर जो पुल धंसा है, उसका एक पिलर बनने के कुछ ही महीने बाद दब गया था. अब जाकर पुल भी धंस गया है. दूसरी तरफ, पुल नहीं धंसे इसे लेकर विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई भी नहीं की गयी थी. जानकारी के मुताबिक वर्ष 2008 में ही मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना से इस पुल का निर्माण कराया गया था. इसमें करीब 3.5 करोड़ रुपये की लागत आयी थी.
तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री एनोस एक्का के कार्यकाल में इसका निर्माण कराया गया था. पुल धंसने के मामले में अब विभाग तत्कालीन इंजीनियरों को दोषी मानते हुए कार्रवाई करेगा. हालांकि पुल निर्माण के समय पदस्थापित रहे वहां के अधिकतर इंजीनियर सेवानिवृत्त हो गये हैं. केवल एक ही इंजीनियर बचे हैं. ऐसे में विभाग कार्रवाई के लिए मंथन कर रहा है.
जांच पूरी हुई: इधर पुल धंसने के मामले की जांच रांची सर्किल के अधीक्षण अभियंता ने कर ली है. वह अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे तक कार्रवाई होगी.
