एकरा मस्जिद के बाहर अब सड़क पर नमाज अदा नहीं करेंगे लोग, 16 अगस्त से शुरू कर दी गयी है पहल

रांची : एकरा मस्जिद के बाहर अब सड़क पर जुमे की नमाज अदा नहीं की जायेगी. मस्जिद के खतील मौलाना डॉ उबैदुल्लाह कासमी ने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने को आदत बना लेना इस्लामी तालीम के खिलाफ है. 16 अगस्त से (शुक्रवार) ही पहल शुरू कर दी गयी. डॉ कासमी ने जुमा की तकरीर […]

रांची : एकरा मस्जिद के बाहर अब सड़क पर जुमे की नमाज अदा नहीं की जायेगी. मस्जिद के खतील मौलाना डॉ उबैदुल्लाह कासमी ने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ने को आदत बना लेना इस्लामी तालीम के खिलाफ है. 16 अगस्त से (शुक्रवार) ही पहल शुरू कर दी गयी.
डॉ कासमी ने जुमा की तकरीर में लोगों को बताया कि सड़क पर नमाज पढ़ने को आदत बना लेना इस्लामी तालीम के खिलाफ है. क्योंकि सड़क पर सबका हक है. फिर मेन रोड की सड़क की अहमियत ज्यादा है. इस सड़क से एंबुलेंस, स्कूल बस सहित अन्य गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है. सड़क पर नमाज पढ़ने से तकलीफ होती है.
ऐसी स्थिति में लोग इस्लाम और मुसलमानों के बारे में कैसे अच्छा सोच सकते हैं. मौलाना कासमी ने कहा कि अगले सप्ताह से इसे अौर बेहतर तरीके से लागू किया जायेगा. शूरा कमेटी के सदस्य एकरा मसजिद की जगह दूसरी मस्जिद में नमाज अदा करेंगे और यहां नमाज शुरू होने से पहले तैनात रहेंगे अौर लोगों को सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे.
डॉ कासमी ने कहा कि वे जल्द ही अन्य मौलानाअों से बात कर इस पर पहल करने के लिए कहेंगे. इसके लिए जल्द ही एक बैठक बुलायी जायेगी. उन्होंने सड़क किनारे पड़नेवाले मस्जिदों के इमाम से भी अपील की है कि वे भी अपने यहां सड़क के बाहर नमाज न होने दें. सड़क पर नमाज पढ़ने से रोकने वालों में मस्जिदे शूरा कमेटी के शकील, एजाज गद्दी, फहीम, फिरोज हैदरी, सरवर खान, समीउल्लाह उर्फ कल्लू, शमीम उर्फ पप्पू, अली, कलाम, साहेब अली, अहसान, साजिद, मिनहाज आदि शामिल थे.

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