प्रेस वार्ता में ऊर्जा विभाग ने गिनायी साढ़े चार साल की उपलब्धियां, लेकिन
पतरातू में एनटीसीपी के द्वारा बनाये जा रहे 4000 मेगावाट क्षमता के विद्युत संयंत्र से मई 2021 से शुरू हो जायेगा उत्पादन
रांची : 31 जुलाई तक रांची में जीरो पावर कट की घोषणा की गयी थी. लेकिन आज भी बिजली कट रही है. 24 घंटे बिजली कब मिलेगी? यह सवाल पूछते ही ऊर्जा विभाग के चार-चार अधिकारी डेडलाइन का जवाब देने से कतराने लगे. ऊर्जा सचिव वंदना डाडेल एवं बिजली वितरण निगम के एमडी राहुल पुरवार से 24 घंटे के डेटलाइन बताने से बचते रहे.
राहुल पुरवार ने कहा कि बिजली उपलब्ध कराने के लिए कई कंपोनेंट मिलकर कार्य करते हैं. वितरण व्यवस्था सुधार के साथ-साथ ट्रांसमिशन लाइन एवं बिजली उपलब्धता सभी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं. सूचना भवन में आयोजित ऊर्जा विभाग की प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही गयी. मौके पर संचरण निगम के एमडी निरंजन कुमार, जेरेडा के निदेशक शोक कुमार उपस्थित थे.
वितरण निगम को हर साल "900 करोड़ का घाटा
"400 करोड़ की ही वसूली हो पा रही प्रतिमाह
ऊर्जा सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि विभिन्न कारणों से बिजली वितरण निगम को हर साल 900 करोड़ का घाटा हो रहा है. श्री पुरवार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बिजली खरीद व वेतन आदि मद में प्रत्येक माह 520 करोड़ का खर्च होता है. इसके बदले में 400 के करीब ही राजस्व वसूली हो पा रही है.
इसका कारण मीटरिंग भी है. उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 39 लाख उपभोक्ता है, जिसमें 29 लाख उपभोक्ताओं के पास मीटर है. जबकि अब भी 10 लाख उपभोक्ता बिना मीटर के हैं. इनके यहां मीटर लगाने का काम शुरू हो गया है. रांची में साढ़े तीन लाख उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है.
शहरों में गुणवत्तायुक्त बिजली के लिए तेजी से हो रहा है काम
ऊर्जा सचिव व एमडी वितरण निगम ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को बेहतर व गुणवत्तायुक्त बनाने रखने के लिए आरएपीडीआरपी, आइपीडीएस और झारखंड संपूर्ण बिजली अच्छादन योजना के तहत कार्य किये जा रहे हैं. योजना के तहत कई काम किये गये हैं और किये जा रहे हैं.
रूफ टॉप सोलर सिस्टम के लिए सरकार बनायेगी नयी योजना
ऊर्जा सचिव ने कहा कि यही है कि विगत पांच वर्षों में रूफ टॉप सोलर के लिए कई स्थानों पर सिस्टम लगाए गये, लेकिन इसके ऑपरेटिंग एवं मेटेनेंनस के लिए कोई सिस्टम नहीं बन पाया. सरकार जल्द ही सिस्टम बनायेगी.
उन्होंने बताया कि राज्य में बिजली को लेकर कमजोर ट्रांसमिशन लाइन बड़ा कारण है. इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहे हैं. 17 ग्रीड-ट्रांसमिशन लाइन अगले चार महीने में शुरू होंगे जबकि विश्व बैंक के सहयोग से भी 29 ग्रीड सब स्टेशन निर्माण होना है.
घर-घर में बिजली कनेक्शन कराया जा रहा उपलब्ध
श्रीमती डाडेल और श्री पुरवार ने बताया कि सभी गांवों में बिजली पहुंचा दी गयी है. सौभाग्य योजना के तहत 15 लाख 30 हजार 708 नये उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है. उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त बिजली आपूर्ति के लिए झारखंड संपूर्ण बिजली अच्छादन योजना (जेएसबीएवाई) को सभी 24 जिलों में शुरू किया गया है.
