रांची : ब्रेस्ट कैंसर के मरीज की अगर सही समय पर स्क्रीनिंग हो जाये, तो इलाज संभव है. ब्रेस्ट कैंसर में जल्द बीमारी का पता चलना अहम होता है. 40 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को साल में एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से स्तन की जांच करानी चाहिए. हर तीन साल में मेमोग्राफी जांच भी करानी चाहिए.
यह बात लखनऊ के डॉ अजीत गांधी ने कही. वह शांभवी कैंसर एंड गायनोकोलॉजी फाउंडेशन द्वारा अायोजित सेमिनार मेें रविवार को बोल रहे थे.
उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर का पता चल जाये तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर इलाज कराना चाहिए. सर्जरी के बाद हर मरीज को कीमोथेरेपी व रेडियोथेरेपी अवश्य कराना चाहिए. सीएमसी वेल्लौर से डॉ आशीष सिंह ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर की जांच व पहचान बहुत आसान है. इसके लिए जागरूक होना जरूरी है. मुंबई टीएमएच से आयी डॉ नीता नायर ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर की पहचान मेें स्त्री रोग विशेषज्ञों की भूमिका ज्यादा आवश्यक है.
अस्पताल व क्लिनिक में आनेवाली प्रत्येक महिला को स्क्रीनिंग कराने की सलाह दें. कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ कुमार सौरभ ने बताया कि महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर के एडवांस स्टेज मेें आती हैं. कार्यक्रम में मेडिका के डॉ संजय कुमार, डॉ घनश्याम सिंह सहित झारखंड के कैंसर रोग विशेषज्ञ शामिल हुए. मौके पर डॉ श्वेता नारायण, डॉ टीएम सिंह और डॉ निवास राऊत को सम्मानित किया गया.
