रांची : पाकुड़ के मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र स्थित क्रशर का संचालक अली अकबर विस्फोटक अधिनियम के केस से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के सेरेना होटल के रूम नंबर 106 में ठहरा था. इस बात की पुष्टि सीआइडी की जांच में हुई है.
सीआइडी मुख्यालय के अधिकारियों ने अली अकबर के अलावा अजहर इस्लाम अफजारूल शेख, क्रशर के मैनेजर बॉबी खान उर्फ शेख हबीबुल शेख और मुंशी फारूख शेख को भी गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है. साथ ही कहा है कि फरार रहने पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की जाये. जानकारी के अनुसार क्रशर में अवैध रूप से विस्फोटक रखने के आरोप में पांचों आरोपियों के खिलाफ मालपहाड़ी ओपी में 10 अक्तूबर 2017 को केस दर्ज हुआ था. लेकिन बाद में केस सीआइडी को ट्रांसफर कर दिया गया. केस का अनुसंधान सीआइडी ने 18 अप्रैल 2018 से शुरू किया था.
मामले में अली अकबर की संलिप्तता की गहराई से जांच करने का निर्णय लिया गया था. क्योंकि उसने अपने बचाव में आवेदन दिया था कि प्राथमिकी दर्ज होने की तिथि 12 अक्तूबर 2017 है. और उस दिन वह बंगाल के रघुनाथपुर, दक्षिणी दिनारपुर स्थित होटल सेरेना में था. जब सीआइडी ने सत्यापन किया, तब पाया कि वह 12 अक्तूबर 2017 की रात 9.15 बजे से 14 अक्तूबर 2017 की सुबह 10 बजे तक होटल में था. लेकिन केस दर्ज होने की तिथि 10 अक्तूबर 2017 ही है. सीआइडी ने रिपोर्ट में लिखा है कि अली अकबर ही अली एंड ब्रदर्स क्रशर का संचालक है. वह केस से बचने के लिए 11 अक्तूबर 2017 को बंगाल चला गया था और गलत तरीके से तथ्य प्रस्तुत कर बचना चाहता था.
