केंद्र ने कहा: शिक्षण शुल्क व एग्जीक्यूटिव कोर्स संचालित कर पैसे का इंतजाम करें
रांची : केंद्र सरकार ने आइआइएम रांची समेत छह संस्थानों को अनुदान देने पर रोक लगा दी है. इनमें आइआइएम रांची के अलावा देश के अन्य भारतीय प्रबंध संस्थान रोहतक, काशीपुर, उदयपुर, तिरुचिरापल्ली और रायपुर भी शामिल हैं. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये संस्थान अपने लिये पैसे का इंतजाम खुद से करें. हालांकि, दूसरी ओर पैसे की व्यवस्था का उपाय भी बताया है. केंद्र सरकार ने कहा है कि नये आइआइएम पुराने संस्थानों की तरह पुराने विद्यार्थियों से शिक्षण शुल्क व एग्जीक्यूटिव कोर्स संचालित कर पैसे का जुगाड़ करें.
केंद्र सरकार से आइआइएम रांची को 330 करोड़ रुपये का अनुदान मिलना था. पिछले दाे वर्षों से आइआइएम रांची को पैसा मिलना बंद हो चुका है. जानकारी के अनुसार वर्तमान में आइआइएम रांची को 260 करोड़, आइआइएम रायपुर को 50 करोड़, आइआइएम राेहतक को 46 करोड़ व आइआइएम काशीपुर को 27 करोड़ राशि का भुगतान लंबित है.
क्यों हुआ अनुदान न देने का फैसला: केंद्र सरकार ने अनुदान नहीं देने का फैसला आधारभूत संरचना और कैंपस के निर्माण में हो रही देरी को लेकर किया है. केंद्र का मानना है कि अधिकतर जगहों पर 2014 में कैंपस निर्माण की गतिविधि शुरू हुई, जो केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय के पांच वर्ष बाद शुरू हुआ.
आइआइएम रांची को 330 करोड़ में से 70 करोड़ मिले हैं: आइआइएम रांची के निदेशक प्रो शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2018 में आइआइएम रांची को कोई राशि नहीं मिली है. इस निर्णय के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है. अब तक हमें संरचना निर्माण के लिए लगभग 70 करोड़ रुपये ही केंद्र से मिले हैं. रांची आइआइएम का नया कैंपस पुंदाग में बनना शुरू हुआ है.
