रांची : जैप-वन डोरंडा स्थित आइपीएस एसोसिएशन के खुखरी गेस्ट हाउस परिसर से बोनसाई ट्री के कारोबार संबंधी खबर प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद करोड़ों रुपये मूल्य के 840 बोनसाई ट्री को बाहर ले जाने पर रोक लगा दी गयी थी. लेकिन इसकी देखभाल के लिए मुकम्मल व्यवस्था नहीं की गयी है. इस वजह से बेशकीमती ट्री यूं ही पड़े हैं. हालांकि कुछ ट्री को गेस्ट हाउस के कैंपस में जरूर रखा गया है. लेकिन अधिकांश ट्री को गेस्ट हाउस की खाली जगहों पर रखा गया है.
जानकार बताते हैं कि बोनसाई ट्री की देखभाल सही तरीके से नहीं होने पर वह अपने मूल स्वरूप में नहीं रह पायेगा. पीपल, बरगद, आम सहित अन्य बोनसाई ट्री तैयार करने में काफी समय लगता है. यही वजह है कि बड़े आकार वाले पेड़ के बोनसाई ट्री की कीमत एक लाख रुपये से ज्यादा होती है. जबकि छोटे आकार वाले पेड़ के बोनसाई ट्री का बाजार मूल्य 50 से 70 हजार रुपये तक होता है.
पहले खुखरी गेस्ट में एस चंद्रा और पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की बोनसाई ट्री की अच्छे से देखभाल होती थी. यह सब बोनसाई ट्री विशेषज्ञ एस चंद्रा के निर्देशन में झारखंड पुलिस के जवान करते थे.
लेकिन उक्त स्थान से व्यवसाय किये जाने की बात सामने आने के बाद चंद्रा से खुखरी गेस्ट हाउस प्रबंधन ने किनारा कर लिया. लेकिन बोनसाई ट्री की देखभाल के लिए खुखरी गेस्ट हाउस की ओर से माली की व्यवस्था नहीं की जा सकी है. हालांकि एक अधिकारी ने बताया कि माली रखने की कवायद की जा रही है.
