रांची : नाले में गिरने से मासूम फलक की मौत के बाद शहर के खुले नालों को ढंकने की कवायद शुरू कर दी गयी है. इसको लेकर शनिवार को नगर आयुक्त मनोज कुमार ने निगम क्षेत्र के 53 वार्ड के सुपरवाइजरों के साथ बैठक की.
बैठक में नगर आयुक्त ने कहा कि 53 वार्डों में सर्वे के दौरान जिन-जिन नालों को खतरनाक स्थिति में पाया गया है, उन नालों को अविलंब स्लैब से ढंकने का काम शुरू करें. जहां नाले की चौड़ाई ज्यादा है व उसे ढंकना संभव नहीं है, उन नालों को बांस से घेरें. नगर आयुक्त ने सभी अभियंताओं को निर्देश दिया कि शहर के सभी खुले नालों को स्लैब से ढंकने की योजना बनायें.
प्रत्येक 20 फीट के बाद नाली के ऊपर एक जाली लगवायें, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो. समय-समय पर जाली को हटा कर नाली की सफाई भी करायें. बैठक में अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर प्रसाद, उप नगर आयुक्त शंकर यादव व रजनीश कुमार, सहायक नगर आयुक्त ज्योति कुमार सिंह, मुख्य अभियंता राजेदव सिंह, कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार, हेल्थ अफसर डॉ किरण आदि उपस्थित थे.
फलक के परिजनों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग
रांची. हिंदपीढ़ी में नाले में गिरने से फलक (बच्ची) की मौत को लेकर झामुमो रांची जिला समिति का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को नगर आयुक्त से मिला. सदस्यों ने उन्हें ज्ञापन सौंप कर फलक के परिजनों को 10 लाख मुआवजा देने, लापरवाह पदाधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई करने, सभी नालों पर स्लैब लगाने व नगर निगम क्षेत्र में हुए सभी निर्माण कार्यों की सीबीआइ से जांच कराने का आग्रह किया. मौके पर जिलाध्यक्ष मुश्ताक आलम, जिला सचिव अंतु तिर्की, महिला मोर्चा की केंद्रीय अध्यक्ष डॉ महुआ माजी, समनुर मंसूरी, डॉ हेमलाल मेहता, आफताब आलम, अश्विनी शर्मा आदि थे.
