पटना सिटी : थोड़ा इंतजार कीजिए अभी आयेंगी मैडम. कुछ इसी अंदाज में कर्मी व नर्स ओपीडी में उपचार कराने आयी महिलाओं को समझा रहे थे. सुबह के साढ़े नौ से भी अधिक का समय हो चुका है, लेकिन मैडम अभी तक नहीं आयी थीं. इसी बीच मैडम आती हैं और अपने चैंबर में बैठ कर मरीजों को देखती हैं. कुछ इसी तरह की स्थिति जिला अस्पताल का दर्जा पाये श्री गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल में देखने को मिली. प्रसव वार्ड में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों के परिजन डॉक्टर के पास उसे दिखाने के लिए लाते हैं.
अस्पताल में मातृ शिशु केंद्र भी बनाया गया है. इसमें 30 बेडों की व्यवस्था है. अस्पताल के अधीक्षक के प्रभार में रहे सिविल सर्जन डॉ राजकिशोर सिंह ने का भी कहना है कि घनी आबादी में स्थित अस्पताल में प्रसव कराने वाले मरीजों की संख्या कम है. इस दिशा में कार्य कराया जा रहा है कि प्रसव कराने व भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़े. अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक मो शब्बीर बताते है कि हर रोज चार से पांच प्रसव होता है,जिसकी संख्या 30 करनी है.
