10 एकड़ जमीन के लिए चाचा ने करायी थी भतीजे की हत्या
बुंडू के चरकू उरांव हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
रांची : 19 जुलाई की रात बुंडू के ताऊ मोड़ निवासी चरकू उरांव की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है़ जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड के साजिशकर्ता चरकू के चाचा कल्हू उरांव व उसके परिवार के ही लोग हैं. हत्या का कारण चरकू की पुश्तैनी 10 एकड़ जमीन है, जिसे कल्हू उरांव आैर उसका परिवार हड़पना चाहता था. इसमें चरकू आड़े आ रहा था. लिहाजा उसे रास्ते से हटाने के लिए तीन अपराधियों को तीन लाख रुपये की सुपारी दी गयी थी, जिसमें से एडवांस 20 हजार रुपये दिये थे.
सोमवार को रांची एसएसपी अनीश गुप्ता ने प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि चरकू की हत्या की साजिश उसके चाचा कल्हू उरांव, उसका पुत्र राजेंद्र उरांव, बहू मनीषा, राजेंद्र का साला शनि कच्छप व एक नाबालिग पुत्र ने रची थी. घटना को अंजाम देनेवाले शूटर शिवा कुमार उर्फ शिवम व एक नाबालिग को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है़
वहीं शूटराें को हथियार उपलब्ध कराने वाला कर्रा निवासी राहुल फरार है़ आरोपियों के पास से पुलिस ने दो पिस्टल, एक कट्टा, नौ गोली बरामद किया गया है़ कट्टा राजेंद्र के पास से, जबकि दोनों पिस्टल शूटरों के पास से बरामद किया गया है.
दादा की जमीन कल्हू ने बेच दी थी जिसका चरकू कर रहा था विरोध
एसएसपी ने कहा कि कल्हू उरांव, चरकू उरांव व दो अन्य रिश्तेदारों की दस एकड़ जमीन है़ जमीन चरकू के दादा के नाम से है. उनकी मौत के बाद दस एकड़ जमीन की रसीद कल्हू उरांव के नाम से कट रही थी. हालांकि कुछ जमीन उसने बेच भी दी थी़ जिसका चरकू हमेशा विरोध करता था़
इसलिए जमीन पर 144 व 107 के तहत निषेधाज्ञा लगा हुआ था़ चरकू हमेशा कहता था कि जमीन का बंटवारा करने के बाद आप अपने हिस्से की जमीन का जो करना है करो. हमलोगों की जमीन आप नहीं बेच सकते़ इसलिए कल्हू ने सोचा कि चरकू को रास्ता से हटाने के बाद 10 एकड़ जमीन का मालिक वह बन जायेगा़ उसके बाद उसने परिवार के लोगों के साथ मिलकर साजिश रची थी.
राजेंद्र के साले ने शूटर को सेट किया था
राजेंद्र ने पत्नी मनीषा को उसके भाई शनि से बात करने को कहा था़ मनीषा ने कर्रा के शनि कच्छप से चरकू को रास्ते से हटाने के लिए कहा़ शनि ने कर्रा के हथियार सप्लायर राहुल से बात की़ तीन लाख में सौदा तय हुआ़ राहुल ने खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र के हक्काजाग गांव के दो शूटर शिवा कुमार उर्फ शुभम व एक नाबालिग शूटर को चरकू को मारने के लिए भेजा़ हत्या के लिए 20 हजार रुपये एडवांस दिये गये थे.
जमीन को लेकर चल रहा था मुकदमा
जानकारी के मुताबिक जमीन को लेकर मुकदमा चला रहा था़ इसके लिए चाचा कल्हू व भतीजा चरकू उरांव ही दौड़ धूप करते थे़ जिसके कारण कल्हू का परिवार हमेशा गुस्से में रहता था़ परिवार वालों का कहना था कि जब जमीन की रसीद कल्हू उरांव के नाम से कटती है तो मालिकाना हक तो उसी का हुआ़ ऐसे में बंटवारे के मुकदमे में फैसला होने के बाद चार गोतिया के बीच जमीन बराबर हिस्से में बंट जायेगी. उसी के बाद चरकू की हत्या की साजिश रची गयी़
