रांची : जैप (झारखंड सशस्त्र पुलिस) में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है. यहां के कनीय पुलिसकर्मी अपनी समस्याओं को लेकर सीधे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय को आवेदन भेज दे रहे हैं. इसे जैप एडीजी सह गृह विभाग की विशेष सचिव तदाशा मिश्रा ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने सभी समादेष्टा को आदेश जारी किया है कि वे अपने अधीन कार्यरत कनीय कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें. इसके बाद भी अगर कोई कर्मी विभागीय आचरण और प्रक्रिया के विरुद्ध सीधे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय अथवा गैर संबंध प्राधिकार को आवेदन करता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
एडीजी ने कहा कि समस्याओं के निदान के लिए हर वाहिनी में समस्या निदान कोषांग का गठन करें. उक्त कोषांग में ही कर्मी अपनी शिकायत दर्ज करायें. समस्याओं के निदान के लिए डीएसपी रैंक के अफसर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम बनायें. यदि टीम समस्या का निदान नहीं करती है, तो समादेष्टा खुद इसको देखें. वे भी नहीं निदान कर पाते हैं, तो अपनी अनुशंसा के साथ रिपोर्ट जैप आइजी को भेजें. अगर आइजी भी समस्याओं का निबटारा नहीं कर पाते हैं, तो उसे एडीजी के पास अनुशंसा के साथ आइजी भेजेंगे. हर हाल में पुलिसकर्मियों की समस्या का निदान एक सप्ताह में किया जाना है. इन बातों से जैप के सभी कर्मियों को अवगत कराया जाये.
