रांची : एचइसी को अपने परिसर का होल्डिंग टैक्स अब नये रेट के आधार पर देना होगा. होल्डिंग टैक्स के मद में रांची नगर निगम को प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का भुगतान करना होगा. झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट-2011 व नियमावली-2013, यथा संशोधित 2015 के अनुसार होल्डिंग टैक्स का भुगतान करना होगा.
यह स्थिति एचइसी की याचिका खारिज होने के बाद पैदा हुई है. सोमवार को झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में होल्डिंग टैक्स मामले में रांची नगर निगम की नोटिस को चुनाैती देनेवाली एचइसी की याचिका पर सुनवाई हुई.
अदालत ने प्रार्थी एचइसी व रांची नगर निगम के जवाब को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दिया. अदालत ने प्रार्थी को छूट देते हुए माैखिक रूप से कहा कि वह चाहे तो एसेसमेंट को सक्षम प्राधिकार के पास विधिवत चुनाैती दे सकता है.
इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से अदालत को बताया गया कि वर्ष 1991 में रांची नगर निगम के साथ एकरारनामा हुआ था. उसके अनुसार प्रतिवर्ष आठ लाख रुपये एचइसी नगर निगम को भुगतान करता था. सैकड़ों भवन लंबी अवधि के लिए लीज पर दिये गये है. हजारों भवनों को एलटीए पर दिया गया है. कार्यालय व आवासीय उद्देश्य से भवन बड़ी संख्या में राज्य सरकार को दिये गये हैं.
वैसी स्थिति में एचइसी सभी भवनों का होल्डिंग टैक्स कैसे देगा. एचइसी ने एकरारनामा के अनुसार होल्डिंग टैक्स भुगतान करने की बात कही. वहीं, रांची नगर निगम की अोर से अधिवक्ता प्रशांत कुमार सिंह ने एचइसी की दलील का विरोध करते हुए कहा कि वर्ष 1991 का एकरारनामा पुराना हो गया है.
झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट-2011 व नियमावली-2013 (संशोधित 2015) लागू हो जाने के बाद उसके आधार पर होल्डिंग टैक्स वसूला जाना है. वर्तमान में चालू वित्तीय वर्ष में एचइसी पर होल्डिंग टैक्स बढ़ कर 9,42,88,862.32 रुपये व पेनाल्टी 71,48,902.59 रुपये, कुल 10,14,37,764.91 रुपये बकाया हो गया है. उस राशि का भुगतान एचइसी को करना होगा. तीन माह का आैसतन टैक्स लगभग 64 लाख रुपये आ रहा है.
