रांची : वैसे व्यावसायिक व निजी वाहन, जो दूसरे राज्यों से निबंधित हैं और इनका उपयोग झारखंड में हो रहा है, तो ऐसा करने वाले सावधान हो जाएं. यह मोटरयान अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 आैर झारखंड मोटर वाहन करारोपण अधिनियम 2001 का उल्लंघन है.
इसको लेकर परिवहन विभाग ने चेतावनी जारी की है. कहा गया है कि वैसे वाहनों का निबंधन झारखंड के वर्तमान पते के आधार पर कराना होगा, जो दूसरे राज्य से निबंधित हैं, लेकिन उसका उपयोग झारखंड में किया जाता है. कुछ दिनों बाद विभाग द्वारा निबंधन कराने का कट ऑफ डेट यानी अंतिम तिथि का निर्धारण किया जायेगा.
इसके बाद भी अगर वाहनों का निबंधन नहीं कराया जाता है, तो परिवहन विभाग मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना वसूल करने की कार्रवाई करेगा. उक्त दायरे में अभी गुड्स ट्रांसपोर्ट के वैसे वाहन नहीं आयेंगे, जो नागालैंड या किसी और राज्य से निबंधित हैं, लेकिन उनका नेशनल परमिट है.
कैसे करा सकते है वाहनों का निबंधन : इसके लिए वाहन जिस राज्य से निबंधित है वहां से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेकर झारखंड के किसी भी जिले के डीटीओ कार्यालय में निबंधन कराना होगा. इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करनी होगी.
एनओसी के साथ झारखंड में जहां पर भी निवास कर रहे हैं, वहां के पते का दस्तावेज भी देना होगा. साथ ही प्रपत्र-33 में आवेदन, मूल निबंधन प्रमाण पत्र की प्रति, अपडेटेड बीमा प्रमाण पत्र, व्यावसायिक वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट और शपथ पत्र देना होगा. वाहन के कर भुगतान की अद्यतन स्थिति भी बतानी होगी.
निबंधन नहीं कराने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वसूला जायेगा जुर्माना
विभाग की ओर से निबंधन की अंतिम तिथि तय करने के बाद शुरू होगी कार्रवाई
