राज्य में शराब की 1595 दुकानें, और 200 दुकान खोलने की तैयारी में सरकार

रांची : झारखंड सरकार राज्य में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है. अभी राज्य के सभी 24 जिलों में शराब की 1,595 दुकानें हैं. 24 में से 17 जिले ऐसे हैं, जहां 100 फीसदी शराब दुकानों की बंदोबस्ती हो गयी है. जिन सात जिलों में शराब दुकानों की 100 फीसदी बंदोबस्ती […]

रांची : झारखंड सरकार राज्य में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है. अभी राज्य के सभी 24 जिलों में शराब की 1,595 दुकानें हैं. 24 में से 17 जिले ऐसे हैं, जहां 100 फीसदी शराब दुकानों की बंदोबस्ती हो गयी है. जिन सात जिलों में शराब दुकानों की 100 फीसदी बंदोबस्ती नहीं की जा सकी है, वहां भी लगभग 90 प्रतिशत दुकानों को बंदोबस्त कर दिया गया है.

उत्पाद विभाग बोकारो, चतरा, देवघर, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, हजारीबाग, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, रामगढ़, रांची, सिमडेगा व पश्चिम सिंहभूम में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाना चाहती है. लगभग 200 और शराब की दुकानें खोलने पर मंथन किया जा रहा है.
वित्त विभाग ने बढ़ाया है राजस्व लक्ष्य
वित्त विभाग ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग का राजस्व वसूली के लिए निर्धारित लक्ष्य बढ़ा दिया है. पूर्व में उत्पाद विभाग को 1600 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था. अब वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए राजस्व लक्ष्य का पुनरीक्षण करते हुए 1900 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यानी, पूर्व निर्धारित राजस्व वसूली लक्ष्य में 300 करोड़ रुपये की वृद्धि कर दी गयी है. सूत्र बताते हैं कि वित्त विभाग द्वारा राजस्व लक्ष्य बढ़ाने के कारण ही उत्पाद विभाग दुकानों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है.
किस जिले में शराब की कितनी दुकानें
जिला दुकान
बोकारो 81
चतरा 43
देवघर 105
धनबाद 138
दुमका 84
पूर्वी सिंहभूम 131
गढ़वा 54
गिरिडीह 96
जिला दुकान
गोड्डा 48
गुमला 12
हजारीबाग 77
जामताड़ा 37
खूंटी 26
कोडरमा 51
लातेहार 28
लोहरदगा 16
जिला दुकान
पाकुड़ 45
पलामू 96
रामगढ़ 42
रांची 192
साहेबगंज 63
सरायकेला 53
सिमडेगा 15
पश्चिम सिंहभूम 62
केवल 706 दुकानों में सरकार बेचती थी शराब
पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 में राज्य में शराब की खुदरा दुकानों का संचालन राज्य सरकार कर रही थी. इस साल मार्च महीने तक राज्य के सभी शहरों में शराब दुकानों की कुल संख्या केवल 706 थी. हालांकि, शराब से मिलने वाले राजस्व में गिरावट को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2019-20 से तीन वर्षों के लिए शराब की दुकानों का संचालन निजी हाथों में देने का फैसला किया गया.
अप्रैल 2019 में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाते हुए इसका संचालन निजी हाथों में सौंपने के लिए लॉटरी की गयी. राज्य भर में कुल 1634 शराब की दुकानें खोलने के लिए लॉटरी का आयोजन किया गया. लॉटरी के बाद उनमें से 1595 दुकानों की बंदोबस्ती कर दी गयी. 24 जिलों में से केवल सात जिलों सरायकेला, साहेबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम व धनबाद में ही 100 प्रतिशत दुकानों की बंदोबस्ती नहीं की जा सकी है.

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